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‘कॉकरोच बनना चाहता हूं’, विजय माल्या की अजीबोगरीब टिप्पणी, बोले- शायद उनकी जिंदगी बेहतर है

नई दिल्ली: भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने सोशल मीडिया पर अपनी स्थिति और कथित नाइंसाफियों को लेकर एक ऐसी टिप्पणी की है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है। माल्या ने खुद की तुलना कॉकरोच से करते हुए कहा कि उनके साथ हुई और हो रही कथित नाइंसाफियों को देखते हुए उन्हें लगता है कि शायद कॉकरोच की जिंदगी बेहतर होती है।

माल्या ने अपनी टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब भारत में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का एक व्यंग्यात्मक युवा आंदोलन भी चर्चा में है। यह आंदोलन बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था, परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और युवाओं की राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दे उठा रहा है।

माल्या ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?

विजय माल्या ने अपने सोशल मीडिया खाते पर लिखा कि उन्होंने जितनी नाइंसाफियां झेली हैं और अब भी झेल रहे हैं, उन्हें देखते हुए वह सोचते हैं कि क्या उन्हें कॉकरोच बन जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि शायद कॉकरोच की जिंदगी बेहतर हो।

माल्या की इस टिप्पणी को उनके खिलाफ चल रही कानूनी और वित्तीय कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। वह लंबे समय से अपने खिलाफ हुई कार्रवाई और भारत सरकार के रुख पर सवाल उठाते रहे हैं।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से कैसे जुड़ा यह मामला?

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत एक ऑनलाइन व्यंग्यात्मक आंदोलन के रूप में हुई थी। इसके संस्थापक अभिजीत दीपके हैं। सोशल मीडिया से शुरू हुआ यह अभियान बाद में सड़कों पर होने वाले प्रदर्शनों तक पहुंच गया।

इस संगठन के नाम को उस समय खास चर्चा मिली, जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की ओर से कुछ बेरोजगार युवाओं और कार्यकर्ताओं के लिए ‘कॉकरोच’ और ‘पैरासाइट’ जैसे शब्द इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद आंदोलन से जुड़े लोगों ने ‘कॉकरोच’ शब्द को अपमान के बजाय अपनी व्यंग्यात्मक पहचान के तौर पर अपनाया।

CJP की ओर से शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन भी किए गए हैं। जुलाई में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दबाव के बीच इस्तीफा दे दिया था।

कभी देश के बड़े कारोबारी चेहरों में शामिल थे माल्या

विजय माल्या कभी भारत के प्रमुख कारोबारी चेहरों में गिने जाते थे। वह यूनाइटेड ब्रुअरीज समूह से जुड़े रहे और किंगफिशर एयरलाइंस के प्रवर्तक थे। एयरलाइन के वित्तीय संकट के बाद भारतीय बैंकों का उन पर हजारों करोड़ रुपये का बकाया सामने आया।

माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे। इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और बकाये से जुड़े मामलों में कार्रवाई की। भारत सरकार लंबे समय से उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी चला रही है।

माल्या अपने खिलाफ लगे आरोपों और सरकारी कार्रवाई पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। हालिया बयानों में उन्होंने खुद को ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर भी आपत्ति जताई है। उनका दावा है कि ब्रिटेन में लागू कानूनी प्रतिबंधों के कारण वह वहां से बाहर नहीं जा सकते।

माल्या का दावा- देनदारी से ज्यादा रकम वसूली गई

विजय माल्या ने अपनी संपत्तियों पर हुई कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालिया बयानों में उनका दावा है कि उनकी संपत्तियों से बैंकों और एजेंसियों ने उनकी देनदारी से ज्यादा रकम वसूल की है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, माल्या का दावा है कि उनकी करीब 14,131 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई हैं, जबकि वह अपनी देनदारी करीब 6,203 करोड़ रुपये बताते हैं। हालांकि, ये आंकड़े माल्या की ओर से किए गए दावे हैं और इन्हें अदालत द्वारा स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

अगस्त 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने माल्या की संपत्तियों की जब्ती और बैंक वसूली से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद को खत्म करने की जरूरत पर टिप्पणी की थी। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय से मामले की मौजूदा स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। माल्या के वकील ने अदालत में दावा किया था कि बैंकों ने करीब 15,000 करोड़ रुपये की वसूली कर ली है।

CJP के प्रदर्शन और कानूनी विवाद भी चर्चा में

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की गतिविधियां हाल के दिनों में भी जारी हैं। सितंबर में CJP समर्थकों ने दिल्ली के संसद मार्ग थाने तक मार्च किया था। यह मार्च एक प्रदर्शन के दौरान छात्रा के पिता पर कथित हमले के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर किया गया था।

9 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा के एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट की ओर से CJP के प्रदर्शन में शामिल एक कानून छात्र को नोटिस जारी किए जाने के मामले पर संज्ञान लिया। अदालत ने इस मामले में प्राधिकरण से स्पष्टीकरण मांगने की बात कही।

इसी बीच CJP से जुड़ा एक और कानूनी विवाद सामने आया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने CJP, अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में 2 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया है।

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