
नई दिल्ली: लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो भोजन को पचाने, विषैले तत्वों को बाहर निकालने और कई जरूरी शारीरिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने का काम करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, फैटी लिवर मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है—एल्कोहोलिक फैटी लिवर और नॉन-एल्कोहोलिक फैटी लिवर। नॉन-एल्कोहोलिक फैटी लिवर अक्सर मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता और अधिक प्रोसेस्ड फूड के सेवन से जुड़ा होता है। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो गंभीर मामलों में लिवर फेलियर का खतरा भी बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार लिवर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है।
कॉफी
कई शोधों में पाया गया है कि फैटी लिवर से पीड़ित लोगों में नियमित और संतुलित मात्रा में कॉफी का सेवन लिवर को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद कैफीन लिवर एंजाइम के स्तर को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, ब्रोकली, केल, स्प्राउट्स और ब्रुसेल्स स्प्राउट्स जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां लिवर में जमा अतिरिक्त वसा को कम करने में मदद कर सकती हैं। साथ ही ये वजन नियंत्रित रखने में भी उपयोगी मानी जाती हैं।
टोफू
सोया प्रोटीन से भरपूर टोफू लिवर में अतिरिक्त वसा के जमाव को कम करने में सहायक हो सकता है। कुछ अध्ययनों के अनुसार इसे नियमित और संतुलित मात्रा में आहार का हिस्सा बनाना लाभदायक माना जाता है।
ओमेगा-3 युक्त मछलियां
साल्मन, ट्यूना, सार्डिन और ट्राउट जैसी फैटी मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह लिवर में जमा वसा को कम करने और सूजन घटाने में मददगार माना जाता है।
ओटमील
साबुत अनाज से तैयार ओटमील में फाइबर और जटिल कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में होते हैं। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है।
अखरोट
अखरोट ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में इसका सेवन लिवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।
एवोकाडो
एवोकाडो में मौजूद हेल्दी फैट्स और अन्य पोषक तत्व लिवर को नुकसान से बचाने में सहायक माने जाते हैं। कुछ शोध बताते हैं कि इसमें मौजूद प्राकृतिक यौगिक लिवर की सुरक्षा में भूमिका निभा सकते हैं।
दूध और कम वसा वाले डेयरी उत्पाद
कुछ अध्ययनों के अनुसार, कम वसा वाले दूध और डेयरी उत्पादों में मौजूद प्रोटीन लिवर को नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। इन्हें संतुलित मात्रा में आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।
सनफ्लावर सीड्स
सनफ्लावर सीड्स यानी सूरजमुखी के बीज विटामिन ई से भरपूर होते हैं। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो लिवर कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाने में सहायक हो सकता है।
ऑलिव ऑयल
ऑलिव ऑयल में हेल्दी फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो लिवर एंजाइम को संतुलित रखने और वजन नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। संतुलित मात्रा में इसका उपयोग स्वस्थ आहार का हिस्सा माना जाता है।



