PM मोदी से मिले CM विष्णुदेव साय, बस्तर विकास से यूरिया प्लांट तक कई बड़ी परियोजनाओं के लिए मांगा केंद्र का सहयोग

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर के समग्र विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया और कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया। साथ ही राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, निवेश और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में हुए कार्यों की भी जानकारी दी।
इन तीन प्रमुख परियोजनाओं के लिए मांगा सहयोग
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के समक्ष तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। पहला, राजनांदगांव में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है और राज्य सरकार की सभी आवश्यक स्वीकृतियां भी पूरी हो चुकी हैं। उनके अनुसार इस परियोजना से किसानों को लाभ मिलेगा और औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।
दूसरे प्रस्ताव के तहत मुख्यमंत्री ने उन 461 गांवों को स्थायी बिजली ग्रिड से जोड़ने के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग की, जहां सुरक्षा कारणों से अब तक ग्रिड नहीं पहुंच सका है और फिलहाल ऑफ-ग्रिड व्यवस्था के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जा रही है।
तीसरे प्रस्ताव में रायपुर या बस्तर में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से सकारात्मक पहल करने का अनुरोध किया गया।
PM मोदी को बताया बस्तर विकास का विजन
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को ‘बस्तर विजन’ की जानकारी देते हुए कहा कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुहिम’ के जरिए बस्तर संभाग के 5,542 गांवों में सरकारी योजनाओं का व्यापक क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे करीब 39 लाख लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है और राशन, आयुष्मान भारत, जनधन, वनाधिकार तथा प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियां भी गिनाईं
मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बंद पड़े 421 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है। इसके अलावा दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है, ताकि दूरदराज के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
स्वास्थ्य क्षेत्र में उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और गीदम में मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जबकि राज्य में नए मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
बस्तर में तेज हुआ बुनियादी ढांचे का विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस बस्तर की पहचान कभी नक्सल हिंसा से होती थी, वहां अब सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क तेजी से मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेललाइन का निर्माण कार्य जारी है। साथ ही जगदलपुर से हवाई सेवाओं के विस्तार, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के अंतिम चरण और इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बैराज परियोजना की भी जानकारी दी, जिससे लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन और युवाओं पर भी रहा फोकस
मुख्यमंत्री ने बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल का भी उल्लेख किया। साथ ही बताया कि बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने क्षेत्र में शांति और सकारात्मक माहौल को मजबूत किया है।
राज्य में निवेश और नए उद्योगों की जानकारी दी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद राज्य को करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार एआई डेटा सेंटर पार्क, सेमीकंडक्टर प्लांट, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, ग्लोबल बीपीओ, गारमेंट, चॉकलेट मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और इंट्राऑक्यूलर लेंस निर्माण जैसे नए उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेशकों के अनुकूल माहौल के कारण नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में नियामकीय और संस्थागत व्यवस्था के मामले में छत्तीसगढ़ को देश में पहला स्थान मिला है। साथ ही राज्य ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 लागू किया है, जिसमें जोखिम आधारित नियामकीय व्यवस्था, सेल्फ सर्टिफिकेशन और समयबद्ध अनुमतियों को कानूनी स्वरूप दिया गया है।
महिला सशक्तिकरण और एआई मिशन पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लक्ष्य से अधिक 10.42 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है और अब 14 लाख अन्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित लखपति दीदी सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के विकास से जुड़े इन प्रस्तावों को सकारात्मक समर्थन मिलेगा।



