छत्तीसगढ़राज्य

75 साल के किसान का 4 साल का इंतजार खत्म, आधार अपडेट होते ही खुला सरकारी योजनाओं का रास्ता; कलेक्टर की पहल से मिली बड़ी राहत

रायपुर: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम पंचायत झलपी (पोस्ट-महाराजगंज) निवासी 75 वर्षीय वृद्ध कृषक वासुदेव गुप्ता की वर्षों पुरानी समस्या आखिरकार दूर हो गई। आधार कार्ड नहीं बन पाने के कारण लंबे समय से वह विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित थे। लगातार तकनीकी अड़चनों के चलते कई बार आवेदन निरस्त होने के बाद जिला प्रशासन की पहल से उनका आधार संबंधी दस्तावेज सफलतापूर्वक तैयार कर उन्हें सौंप दिया गया।

चार साल तक आधार केंद्रों के लगाते रहे चक्कर

आधार कार्ड आज पहचान, वित्तीय लेन-देन और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है। वासुदेव गुप्ता पिछले चार वर्षों से आधार बनवाने और अपडेट कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। उन्होंने क्षेत्र के लगभग हर आधार केंद्र का चक्कर लगाया और कई बार नामांकन भी कराया।

इसके बावजूद पावती के जरिए आवेदन की स्थिति की जांच करने पर हर बार तकनीकी कारणों से उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाता था। समस्या का समाधान कराने और आधार संख्या हासिल करने की उम्मीद में उन्होंने अंबिकापुर स्थित सेवा केंद्र तक का रुख किया, लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा हाथ लगी। लगातार मिल रही असफलता से उनकी उम्मीदें भी धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी थीं।

कलेक्टर की पहल से तकनीकी समस्या का निकला समाधान

मामले में नया मोड़ तब आया, जब बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने ऐसे लंबित मामलों को प्राथमिकता के साथ हल करने की पहल की। उनके मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की टीम और संबंधित तकनीकी कार्यालयों ई-डीएम, डीसी एवं एमटीओ ने वासुदेव गुप्ता के मामले में आ रही तकनीकी अड़चनों की जांच की।

अधिकारियों के बीच समन्वय के बाद समस्या का समाधान निकाला गया और आखिरकार वासुदेव गुप्ता का आधार संबंधी दस्तावेज सफलतापूर्वक तैयार कर उन्हें सौंप दिया गया।

आधार अपडेट होते ही खुलेंगे कई योजनाओं के रास्ते

आधार अपडेट होने के बाद अब वृद्ध कृषक वासुदेव गुप्ता के लिए कई सरकारी और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने का रास्ता साफ हो गया है। वह अब एग्री स्टैक पोर्टल पर अपना पंजीयन करा सकेंगे। इससे उन्हें धान बेचने की प्रक्रिया में सुविधा मिलेगी और अन्य कृषि हितैषी योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा।

इसके अलावा पेंशन योजना, राशन कार्ड की ई-केवाईसी, बैंकिंग सेवाओं और ऋण से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी उन्हें सुविधा मिलेगी। इससे वृद्धावस्था में उनकी आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

दूसरे लंबित मामलों के समाधान पर भी जोर

जिला प्रशासन का कहना है कि यह पहल केवल एक व्यक्ति की समस्या दूर करने तक सीमित नहीं है। उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें पहचान से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें किसी पात्र हितग्राही को उसके अधिकारों और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न करें।

इसी दिशा में आधार नामांकन और अपडेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने, तकनीकी कारणों से अटके मामलों की पहचान कर उन्हें विशेष अभियान के जरिए पूरा करने और अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन के इस प्रयास से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले वृद्ध लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।

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