JPSC-JSSC विवाद: विधानसभा घेराव से पहले छात्रों की सख्त एडवाइजरी, ‘पुलिस से झड़प नहीं, शांतिपूर्ण रहेगा प्रदर्शन’

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के 17वें दिन आज प्रदर्शनकारी छात्र झारखंड विधानसभा का घेराव करने जा रहे हैं। घेराव से पहले छात्रों ने अपने साथियों के लिए एडवाइजरी जारी कर प्रदर्शन के दौरान शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। छात्रों से पुलिस या किसी भी सुरक्षा बल के साथ टकराव से पूरी तरह बचने को कहा गया है।
छात्रों ने अपील की है कि विधानसभा की ओर मार्च के दौरान यातायात व्यवस्था बाधित न की जाए और राहगीरों तथा आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होकर अपनी मांगें सरकार के सामने रखने को कहा गया है।
झड़प या हंगामा करने वालों से रहें दूर
छात्रों की ओर से जारी एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति पुलिस या सुरक्षा बलों के साथ झड़प या हंगामा करने की कोशिश करता है तो उसका समर्थन नहीं किया जाए। छात्रों से किसी भी तरह की अराजक स्थिति से दूर रहने और ऐसी स्थिति सामने आने पर पुलिस को इसकी सूचना देने की अपील की गई है। साथ ही प्रदर्शन के दौरान किसी भी अफवाह पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी गई है।
सुबह 10 बजे विधानसभा घेराव की तैयारी
प्रदर्शनकारी छात्र आज सुबह 10 बजे झारखंड विधानसभा का घेराव करने वाले हैं। इसे देखते हुए विधानसभा के आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा किया गया है।
सरकार और छात्रों के बीच तीन दौर की बातचीत बेनतीजा
JPSC-JSSC विवाद को लेकर सरकार और छात्रों के बीच अब तक तीन दौर की लंबी बातचीत हो चुकी है। हालांकि JSSC CGL परीक्षा और नियुक्तियों से जुड़े मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। छात्रों की प्रमुख मांगों में पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग भी शामिल है।
JPSC भंग, तीनों सदस्यों ने दिया इस्तीफा
इस बीच झारखंड लोक सेवा आयोग को भंग किया जा चुका है और आयोग के तीनों सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। झारखंड लोक सेवा आयोग की सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य से 10 अगस्त को पूछताछ की जाएगी। छात्र परीक्षा और नियुक्तियों से जुड़े पूरे विवाद की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच की मांग पर कायम हैं।
मुख्यमंत्री ने चिट्ठी लिखकर छात्रों को दिया भरोसा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी छात्रों को पत्र लिखकर उनकी मांगों पर सरकार की ओर से भरोसा दिलाने की कोशिश की है। सरकार का दावा है कि छात्रों की 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं। हालांकि छात्रों के अनुसार कई अहम मुद्दों पर अभी भी सहमति नहीं बनी है, जिसके चलते आंदोलन जारी है।



