सागर शराब कांड में 13 मौतों की पुष्टि, जीतू पटवारी का बड़ा दावा- ‘50 से ज्यादा लोगों ने गंवाई जान’, सरकार पर सच छिपाने का आरोप

सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब मामले में सोमवार दोपहर एक और व्यक्ति की मौत के बाद आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। बीमार लोगों का अस्पताल में इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से गांवों में लोगों की स्क्रीनिंग भी कराई जा रही है, ताकि किसी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण मिलने पर समय पर इलाज शुरू किया जा सके। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने यह जानकारी दी है।
इस बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मौतों के आधिकारिक आंकड़े पर सवाल उठाए हैं। पटवारी का आरोप है कि सरकार और प्रशासन मृतकों की वास्तविक संख्या सामने नहीं ला रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस घटना में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
पटवारी बोले- सरकार और प्रशासन मौतों का आंकड़ा छिपा रहे
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात के बाद जीतू पटवारी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन मौतों को छिपा रहे हैं। पटवारी ने दावा किया कि वह खुद 33 जगहों पर जाकर मृतकों के परिवारों से मिले हैं और हर परिवार की स्थिति बेहद दर्दनाक है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिन पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी अवैध शराब की बिक्री रोकने की थी, उनके खिलाफ प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की गई। पटवारी ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए विरोध की अपील भी की।
अस्पताल पहुंचकर मरीजों और परिजनों से मिले पटवारी
जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर भी अस्पताल दौरे की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज जाकर जहरीली शराब से प्रभावित मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
उन्होंने डॉक्टरों से इलाज की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। पटवारी ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने लोगों को खोया है, उनका दर्द बेहद गहरा है। वहीं अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे मरीजों की चिंता भी गंभीर है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मरीज को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
बंडा तहसील के दो गांवों में बिगड़ी कई लोगों की तबीयत
जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बंडा तहसील के दो गांवों में कथित तौर पर लोगों ने जहरीली शराब पी थी। इसके बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन आनन-फानन में उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बीमार लोगों में चक्कर आने और धुंधला दिखाई देने जैसे लक्षण सामने आए। एक साथ कई लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
तीन आबकारी अधिकारी और दो पुलिसकर्मी निलंबित
मध्य प्रदेश सरकार ने घटना के बाद तीन आबकारी अधिकारियों और दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। वहीं एक आबकारी अधिकारी को लाइन हाजिर कर ग्वालियर अटैच किया गया है।
मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी में नामजद 30 आरोपियों में से 14 को गिरफ्तार कर लिया है।


