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बिहार में BDO आनंद कुमार के ठिकानों पर छापेमारी, 16 जमीनों के कागज और 70 लाख के निवेश का खुलासा; 4 महंगी गाड़ियां भी मिलीं

पटना: बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामले में दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड के बीडीओ आनंद कुमार विभूति के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को पटना, पूर्वी चंपारण, दरभंगा और मुजफ्फरपुर में उनके पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान 16 भूखंडों के दस्तावेज, करीब 70 लाख रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़े कागजात, करीब 70 लाख रुपये की लागत वाले मकान और चार महंगी गाड़ियों से जुड़ी जानकारी सामने आई है।

ईओयू के अनुसार, साल 2014 में सरकारी सेवा में आए आनंद कुमार विभूति ने करीब 12 वर्षों के कार्यकाल में अपनी वैध आय की तुलना में काफी अधिक संपत्ति अर्जित की। जांच में प्रथमदृष्टया 1 करोड़ 71 लाख 84 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति का साक्ष्य मिला है, जो उनकी वैध आय से 121.87 प्रतिशत अधिक बताई गई है। आनंद कुमार विभूति पूर्वी चंपारण के चिरैया थाना क्षेत्र के लालबेगिया गांव के रहने वाले हैं।

मुजफ्फरपुर के घर से 16 भूखंडों के दस्तावेज मिले

ईओयू की टीम को मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित आनंद कुमार विभूति के निजी आवास से 16 भूखंडों के दस्तावेज मिले। इनमें 9 भूखंड उनके नाम पर और 7 अन्य लोगों के नाम पर होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा करीब 70 लाख रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश से संबंधित साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं।

लालबेगिया स्थित पैतृक मकान के निर्माण पर करीब 70 लाख रुपये खर्च होने का आकलन किया गया है। जांच टीम को बीमा कंपनियों में सालाना करीब 1.50 लाख रुपये के प्रीमियम भुगतान और बड़ी मात्रा में सोने-चांदी की खरीद से जुड़े बिल भी मिले हैं। एक इनोवा क्रिस्टा और एक स्कॉर्पियो समेत चार महंगी गाड़ियों से संबंधित जानकारी भी जांच में सामने आई है।

16 बैंक खाते और एक लॉकर की भी जानकारी

ईओयू को आनंद कुमार विभूति और उनके परिजनों के नाम पर अलग-अलग बैंकों में 16 खाते होने की जानकारी मिली है। इन खातों को फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा रही है। छापेमारी के दौरान एक बैंक लॉकर का भी पता चला है, जिसकी तलाशी अभी बाकी है।

जांच एजेंसी का कहना है कि अब तक हुई तलाशी के आधार पर प्राथमिकी में दर्ज आय से अधिक संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। मामले की जानकारी आनंद कुमार विभूति के पैतृक विभाग ग्रामीण विकास विभाग को भी दे दी गई है।

किराये के मकान और सरकारी कार्यालय में भी खंगाले दस्तावेज

दरभंगा के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सैदनगर-जनकपुरी स्थित बीडीओ के किराये के आवास पर सुबह करीब 8 बजे ईओयू की आठ सदस्यीय टीम पहुंची। टीम का नेतृत्व डीएसपी मिथिलेश कुमार जायसवाल कर रहे थे। आनंद कुमार विभूति उस समय मौजूद नहीं थे, इसलिए उनकी पत्नी की मौजूदगी में तलाशी ली गई। यहां से संपत्ति के दस्तावेज, कार्ड, बैंक खातों से जुड़े कागजात और जेवरात की खरीद की रसीदें समेत कई दस्तावेज मिले।

ईओयू टीम ने बीडीओ को मौके पर उपस्थित होने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने व्यस्त होने की बात कहते हुए आने में असमर्थता जताई। इसके बाद बहादुरपुर स्थित उनके सरकारी कार्यालय में भी दस्तावेजों की जांच की गई।

पूर्वी चंपारण के चिरैया थाना क्षेत्र के लालबेगिया स्थित पैतृक आवास पर आनंद कुमार विभूति के छोटे भाई राजीव कुमार उर्फ रामबाबू समेत परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ की गई।

12 साल की नौकरी में कई जिलों में रहे तैनात

आनंद कुमार विभूति बीपीएससी की 53वीं से 55वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के जरिए सीधे नियुक्त अधिकारी हैं। करीब 12 वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और दरभंगा में काम किया है। करीब दो महीने पहले उनका तबादला मुजफ्फरपुर के कांटी प्रखंड से दरभंगा किया गया था।

पत्नी भाजपा की पूर्वी जिला मंत्री

आनंद कुमार विभूति की पत्नी रीतू आनंद भाजपा के मुजफ्फरपुर पूर्वी जिला संगठन में मंत्री हैं। पूर्वी जिलाध्यक्ष विवेक कुमार ने इसकी पुष्टि की है। मुजफ्फरपुर स्थित उनके आवास पर ईओयू की टीम ने आठ घंटे से अधिक समय तक छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया। यहां भी पत्नी की मौजूदगी में जांच की गई।

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