झारखण्डराज्य

धनबाद में बड़ा भू-धंसान, एक-एक कर जमीन में समा गए 4 घर; 5 लोग गोफ में गिरे, 5 साल के बच्चे की मौत

धनबाद: झारखंड के धनबाद में मंगलवार सुबह भू-धंसान की दर्दनाक घटना से हड़कंप मच गया। बीसीसीएल के सिजुआ क्षेत्र की मोदीडीह कोलियरी के सिजुआ दस नंबर तीन पट्टियां धौड़ा में करीब 5.45 बजे तेज आवाज के साथ जमीन धंस गई। देखते ही देखते चार घर जमींदोज हो गए। हादसे में दिहाड़ी मजदूर गुड्डू बहादुर की पत्नी, दो बेटियां और दो बेटे गोफ में समा गए। घर का मलबा भी उनके ऊपर गिर गया।

स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत-बचाव शुरू किया और रस्सियों की मदद से गोफ में गिरे लोगों को बाहर निकाला। सभी घायलों को कतरास के निचितपुर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 5 वर्षीय विक्रम कुमार को मृत घोषित कर दिया। चंदा देवी (33), पूजा कुमारी (17), आरती कुमारी (13) और बाला कुमार (3) का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

कई घर और लाखों का सामान भू-धंसान की चपेट में

भू-धंसान की वजह से गोपी भुइयां, जनार्दन मल्लाह और केदार भुइयां के घर भी प्रभावित हुए। इन घरों में रखा लाखों रुपये का सामान भी जमीन में समा गया। वहीं शिवराखन सिंह के घर के एक कमरे का करीब आधा हिस्सा गोफ में चला गया। बिजली का पोल और पीपल का पेड़ भी जमीन में समा गए। बिजली का पोल गिरने के बाद पूरे इलाके में अंधेरा छा गया।

12 घरों पर मंडरा रहा खतरा, ग्रामीणों का सड़क पर प्रदर्शन

घटना का जायजा लेने के बाद मोदीडीह कोलियरी प्रबंधन ने आसपास के 12 घरों को आंशिक खतरे की श्रेणी में चिह्नित किया है। हादसे से नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लोगों ने मुख्य मार्ग पर टायर जलाकर नारेबाजी की और सड़क जाम कर दिया। स्कूल बसों को भी रोका गया।

सड़क जाम होने के कारण कतरास-केंदुआडीह और कपूरिया मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर केंदुआडीह थाना प्रभारी जेपी महतो, पुटकी इंस्पेक्टर वकार हुसैन समेत जोगता, तेतुलमारी, कपूरिया, भागाबांध, सोनारडीह, कतरास, अंगारपथरा, लोयाबाद, मुनीडीह और गोंदुडीह थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों और मृतक के परिजनों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई।

15 घंटे तक सड़क पर रखा रहा बच्चे का शव

हादसे के बाद ग्रामीण बच्चे का शव सिजुआ दस नंबर चौक पर रखकर धरने पर बैठ गए। इसके बाद सिजुआ क्षेत्रीय कार्यालय में प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। बातचीत में मृतक के आश्रित को आउटसोर्सिंग में नियोजन देने समेत अन्य मांगों पर सहमति बनी।

करीब 15 घंटे बाद सड़क से बच्चे का शव हटाया गया। कतरास क्षेत्र के जीएम विष्णुकांत झा ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतक के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि पुनर्वास को लेकर प्रबंधन पूरी तरह तैयार है।

इस साल धनबाद में भू-धंसान की 5 घटनाएं

धनबाद में इस साल भू-धंसान की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 31 मार्च को टंडाबाड़ी में भू-धंसान से दो घर जमींदोज हुए थे और मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत हुई थी। 15 अप्रैल को केंदुआडीह में जमीन धंसने से तीन महिलाओं की मौत हुई और धनबाद-बोकारो सड़क बंद करनी पड़ी थी।

इसके बाद 7 जुलाई को छाताबाद फुटबॉल मैदान के पास तालाब समेत आसपास का इलाका जमीन में धंस गया था। 7 अगस्त को छाताबाद में फिर भू-धंसान हुआ। वहीं 26 अगस्त को छाताबाद के काजू बागान में जमीन धंसने से बड़ा गोफ बन गया था।

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