हिमाचल में बड़े फेरबदल की आहट! 2 मंत्रियों की छुट्टी और 2 नए चेहरों की एंट्री की चर्चा, हाईकमान ने मांगी रिपोर्ट

शिमला: हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की मंत्रिपरिषद में संभावित विस्तार और बड़े फेरबदल को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार यानी 11 सितंबर को होने वाली हिमाचल कैबिनेट की बैठक टाल दी गई। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी हाईकमान ने मंत्रियों के कामकाज की रिपोर्ट के साथ-साथ कैबिनेट में संभावित बदलावों के प्रस्ताव 30 सितंबर तक मांगे हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बुधवार देर रात नई दिल्ली से शिमला लौटे हैं, जबकि करीब चार मंत्री अभी भी दिल्ली में मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि कुछ मंत्रियों के शिमला वापस नहीं लौटने और अधिक समय मांगे जाने के बाद कैबिनेट बैठक स्थगित की गई। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस के भीतर संभावित पुनर्गठन को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
दो नए चेहरों को मिल सकती है जगह
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री सुक्खू से मंत्रियों के कामकाज की रिपोर्ट के अलावा कैबिनेट में शामिल किए जाने वाले संभावित नामों और विभागों में बदलाव को लेकर सिफारिशें मांगी हैं। हालांकि, अंतिम फैसला ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से लिए जाने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य मंत्रिमंडल में दो नए चेहरों को जगह मिल सकती है। वहीं संभावित फेरबदल के तहत दो मौजूदा मंत्रियों को हटाए जाने की चर्चा भी है। इसके साथ ही कई विभागों में बदलाव किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
मंत्रियों के विभाग बदलने की अटकलों से बढ़ी बेचैनी
कैबिनेट में संभावित फेरबदल की चर्चा के बीच मंत्रियों और पार्टी नेताओं के बीच भी अटकलें तेज हो गई हैं। खासतौर पर वरिष्ठ मंत्रियों के विभाग बदले जाने या उनसे महत्वपूर्ण विभाग वापस लिए जाने की संभावना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू के हालिया दिल्ली दौरे के बाद इन चर्चाओं ने और जोर पकड़ा। उस दौरान करीब छह मंत्री भी राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद थे। इसे कांग्रेस नेतृत्व के साथ लंबे समय से लंबित कैबिनेट विस्तार, विभागों के बंटवारे और संगठन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत से जोड़कर देखा जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने दिल्ली दौरे को बताया सामान्य गतिविधि
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर गुरुवार को शिमला लौटे। उन्होंने दिल्ली दौरे को सामान्य पार्टी गतिविधियों का हिस्सा बताया। उनका कहना था कि दिल्ली में कई पार्टी कार्यक्रम थे और नेताओं से मुलाकात भी हुई, इसलिए इसे सामान्य प्रक्रिया के तौर पर देखा जाना चाहिए।
हालांकि, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला लौटने के बाद मीडिया से बातचीत करने से परहेज किया। मुख्यमंत्री की चुप्पी के बीच कैबिनेट में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाओं को और हवा मिल गई है।
2027 के चुनाव से पहले संगठन में भी बदलाव के संकेत
बताया जा रहा है कि कांग्रेस सरकार के सामने विभागों के बंटवारे, प्रतिनिधित्व और राज्य नेतृत्व के कामकाज से जुड़ी कुछ अंदरूनी चुनौतियां हैं। 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रस्तावित कवायद को महज कैबिनेट विस्तार तक सीमित नहीं माना जा रहा है।
मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव के साथ राज्य स्तर के संगठनात्मक ढांचे में भी परिवर्तन पर विचार किए जाने की चर्चा है। फेरबदल का अंतिम स्वरूप मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस हाईकमान के बीच होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगा। ऐसे में 30 सितंबर तक मांगी गई रिपोर्ट को हिमाचल की सियासत में अहम समय-सीमा के तौर पर देखा जा रहा है।



