अद्धयात्म

अनंत चतुर्दशी पर 18 साल बाद बनेगा दुर्लभ ग्रह संयोग, मेष समेत इन 4 राशियों के लिए धन-करियर में लाभ के संकेत

नई दिल्ली: अनंत चतुर्दशी को सनातन धर्म में भगवान विष्णु के ‘अनंत’ स्वरूप की पूजा और गणपति विसर्जन के लिए विशेष माना जाता है। इस बार पर्व पर कुंभ राशि में चंद्रमा और राहु की युति से ‘ग्रहण योग’ बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह संयोग करीब 18 साल बाद बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं में इस योग का प्रभाव मेष, मिथुन, तुला और धनु राशि के जातकों के लिए लाभकारी बताया जा रहा है।

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु के ‘अनंत’ रूप की पूजा की जाती है और 14 गांठों वाला अनंत सूत्र बांधा जाता है। इसी दिन गणपति बप्पा को भी विधि-विधान से विदाई दी जाती है।

कुंभ राशि में चंद्रमा और राहु की युति

ज्योतिषीय गणना के अनुसार राहु करीब 18 महीने यानी डेढ़ साल तक एक राशि में रहते हैं, जबकि चंद्रमा लगभग सवा दो दिन में राशि बदलते हैं। राहु का कुंभ राशि में गोचर कई वर्षों के अंतराल के बाद होता है। इसी वजह से अनंत चतुर्दशी पर कुंभ राशि में राहु और चंद्रमा की युति को करीब 18 साल बाद बनने वाला दुर्लभ संयोग बताया जा रहा है।

इसी दौरान चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्रों से होकर गुजरेगा। इससे पंचक की स्थिति भी बनेगी, जिसे धर्मशास्त्रों में शुभ कार्यों के लिहाज से विचारणीय माना जाता है।

मेष राशि: आय के नए रास्ते, अटका पैसा मिलने के संकेत

मेष राशि के 11वें भाव यानी आय और लाभ के भाव में चंद्रमा और राहु की युति बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार 11वें भाव में राहु और चंद्रमा की स्थिति आर्थिक मामलों में लाभ दे सकती है।

इस दौरान आय के नए स्रोत बनने और लंबे समय से अटके पैसे वापस मिलने की संभावना जताई जा रही है। कारोबार से जुड़े लोगों के लिए किसी बड़ी डील के फाइनल होने के भी संकेत बताए जा रहे हैं।

मिथुन राशि: भाग्य का साथ, विदेश से अवसर

मिथुन राशि के 9वें भाव यानी भाग्य और धर्म के भाव में यह योग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दौरान भाग्य का साथ मिलने से लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ सकते हैं।

उच्च शिक्षा, विदेश व्यापार और ऑनलाइन कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही धार्मिक यात्रा के योग भी बन सकते हैं।

तुला राशि: निवेश से लाभ और रचनात्मक क्षेत्र में पहचान

तुला राशि के 5वें भाव यानी बुद्धि, संतान और लाभ के भाव में चंद्रमा और राहु की युति बनने वाली है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस समय तुला राशि पर अन्य शुभ ग्रहों का भी प्रभाव बताया जा रहा है।

शेयर बाजार या पुराने निवेश से अचानक आर्थिक लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। रचनात्मक और मीडिया क्षेत्र से जुड़े लोगों को काम में सफलता मिलने के साथ पहचान हासिल होने के भी संकेत बताए जा रहे हैं।

धनु राशि: बढ़ सकता है आत्मविश्वास, करियर में बदलाव के संकेत

धनु राशि के तीसरे भाव यानी पराक्रम और छोटे भाई-बहन के भाव में चंद्रमा और राहु के रहने की बात कही जा रही है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ सकता है।

नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिलने के साथ पदोन्नति के अवसर बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में विरोधियों पर बढ़त मिलने और काम करने के तरीके की सराहना होने के संकेत भी ज्योतिषीय गणना में बताए जा रहे हैं।

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