उत्तराखंड

आपदा से तबाह व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने की तैयारी तेज, विनय रुहेला और ले. कर्नल रघुवीर भंडारी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

देहरादून: उत्तराखंड में आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों को गति देने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति ने अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला और उपाध्यक्ष ले. कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी ने सभी जनपदों के अधिकारियों से आपदा से हुए नुकसान और राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन जल्द सामान्य बनाने के लिए सभी जरूरी कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं।

बंद सड़कों को जल्द खोलने के निर्देश

बैठक में आपदा के कारण बाधित सड़कों की जनपदवार स्थिति की समीक्षा की गई। विनय रुहेला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर आवागमन के लिए जल्द खोला जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क बहाल होना प्रभावित क्षेत्रों तक आवश्यक सेवाएं पहुंचाने, राहत सामग्री की आपूर्ति और आम लोगों की आवाजाही के लिए बेहद जरूरी है। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें।

पेयजल संकट दूर करने पर विशेष जोर

आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जिन पेयजल योजनाओं की मरम्मत जरूरी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को पेयजल की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बाढ़ सुरक्षा के कार्य तय समय में पूरे करने को कहा

बैठक में बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। संवेदनशील क्षेत्रों में जरूरी सुरक्षात्मक और पुनर्निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे करने के निर्देश दिए गए। जिन कार्यों के लिए शासन की मंजूरी आवश्यक है, उनके प्रस्ताव सभी औपचारिकताएं पूरी कर जल्द भेजने को कहा गया। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि प्रस्ताव भेजने और स्वीकृति मिलने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। मंजूरी मिलते ही संबंधित कार्य शुरू किए जाएं।

क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के प्रस्तावों पर जल्द कार्रवाई के निर्देश

विभागवार समीक्षा के दौरान ले. कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी ने कहा कि आपदा से प्रभावित परिसंपत्तियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए विभागों से मिलने वाले प्रस्तावों का तत्काल परीक्षण किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण और मरम्मत के काम बिना देरी शुरू हो सकें। उन्होंने क्षति के आकलन, प्रस्ताव तैयार करने और शासन से मंजूरी लेने की प्रक्रिया में विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर भी जोर दिया।

स्कूलों की मरम्मत और बुनियादी सुविधाएं होंगी दुरुस्त

आपदा से विद्यालयों को हुए नुकसान की समीक्षा करते हुए क्षतिग्रस्त भवनों के साथ पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्कूलों में जरूरी सुविधाओं को जल्द दुरुस्त कराया जाए। क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों की मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम भी प्राथमिकता से पूरा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

नहरों की मरम्मत से किसानों को मिलेगी राहत

आपदा से क्षतिग्रस्त नहरों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। संबंधित अधिकारियों को नहरों की मरम्मत का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए, जिससे सिंचाई व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन जल्द पूरा करने के निर्देश

बैठक में हाल के दिनों में हुई ओलावृष्टि से कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में हुए नुकसान का भी संज्ञान लिया गया। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में क्षति का आकलन जल्द पूरा करने और नियमानुसार प्रभावित लोगों को राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों तक समय पर मदद पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करें।

बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन एवं डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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