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4,033 करोड़ की बोली लगाकर अडानी ने कोयला आयात कॉन्ट्रैक्ट किआ हासिल

मुंबई ; अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के पहले कोयला आयात करने के टेंडर के लिए सबसे कम लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है, यह टेंडर बिजली उत्पादन करने वाली कंपनियों की ओर से सरकारी कोयला उत्पादन कंपनी कोल इंडिया ने निकाला था।

रिपोर्ट के अनुसार मामले से जुड़े लोगों ने बताया है कि अडानी एंटरप्राइजेज ने फ्रेट-ऑन -रोड के आधार पर 2.416 मिलियन टन कोयले की आपूर्ति के लिए 4,033 करोड़ रुपए की बोली लगाई है। इसके बाद मोहित मिनरल्स ने 4,182 करोड़ रुपए की बोली लगाई है जबकि तीसरी सबसे कम बोली चेट्टिनाड लॉजिस्टिक ने 4,222 करोड़ रुपए की लगाई है। बता दें, आयातित कोयला सात सरकारी और 19 निजी बिजली उत्पादन करने वाले पावर प्लांट को दिया जाएगा।

इससे पहले भी अडानी एंटरप्राइजेज जनवरी से जून के बीच सरकारी बिजली उत्पादन कंपनी एनटीपीसी से कई कोयला आयात करने के कॉन्ट्रैक्ट जीत चुका है। पिछले साल दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में स्थित अदानी एंटरप्राइजेज की कोयला खदान से भारत कोयला आयात किया गया था। खबरें यह भी है कि अडानी ग्रुप मंगलवार को खुलने वाले 6 मीट्रिक टन कोयला आयात करने के टेंडर के लिए भी बोली लगा सकता है।

गौरतलब है कि सरकार मानसून की बारिश से पहले कोयला खनन और आपूर्ति कम होने से पहले बिजली संयंत्रों में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के लिए कोयला आयात कर रही है। वहीं, अनुमान है कि बुवाई का सीजन होने के चलते मानसून में बिजली की मांग उच्चतम स्तर पर जा सकती है।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण से उपलब्ध नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि थर्मल पावर प्लांटों में 26.8 मिलियन टन कोयले का भंडार था। सरकार ने सभी बिजली उत्पादन इकाइयों को अपनी कोयले की आवश्यकता का 10% आयात करने को कहा है और वे इसे घरेलू कोयले के साथ मिश्रित करेंगे।

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