Adult App Scam: सावधान! पोर्न वीडियो या एडल्ट ऐप के लिंक पर क्लिक करते ही खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

शिमला: यू-ट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्क्रॉल करते समय अगर पोर्न वीडियो की झलक, संदिग्ध विज्ञापन या एडल्ट ऐप से जुड़ा कोई लिंक दिखाई दे तो उस पर क्लिक करना भारी पड़ सकता है। साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने के लिए एडल्ट मोबाइल ऐप और फर्जी लिंक को नया हथियार बना लिया है। इन लिंक के जरिए मोबाइल में खतरनाक मालवेयर भेजकर बैंक खाते और पे-वॉलेट से रकम उड़ाई जा रही है।
देशभर में ऐसे मामले सामने आने के बाद गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने एंड्रॉयड मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए एडवाइजरी जारी की है। आई4सी की राष्ट्रीय साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने लोगों को ऐसे खतरनाक ऐप से दूर रहने की सलाह दी है, जो मोबाइल का पूरा एक्सेस हासिल कर अनधिकृत वित्तीय लेनदेन कर सकते हैं।
सोशल मीडिया विज्ञापन से शुरू होता है ठगी का खेल
एडवाइजरी के मुताबिक, साइबर अपराधी सबसे पहले सोशल मीडिया पर आकर्षक या अश्लील विज्ञापनों के जरिए संदिग्ध ऐप का प्रचार करते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति ऐसे विज्ञापन पर क्लिक करता है, उसे बाहरी और असुरक्षित वेबसाइट पर पहुंचा दिया जाता है।
इस वेबसाइट पर उपयोगकर्ता को ऐप की सीधे एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए उकसाया जाता है। ऐप इंस्टॉल करने के बाद उससे विशेष पहुंच की अनुमति मांगी जाती है। जैसे ही उपयोगकर्ता यह अनुमति देता है, साइबर अपराधियों को फोन पर नियंत्रण हासिल करने का रास्ता मिल जाता है।
ओटीपी पढ़कर खुद कर सकते हैं पैसे ट्रांसफर
मालवेयर फोन की स्क्रीन पर दिखाई देने वाली जानकारी पढ़ने, खुद बटन दबाने और पृष्ठभूमि में गतिविधियां चलाने में सक्षम हो सकता है। साइबर ठग इसी का फायदा उठाकर एसएमएस से आने वाले ओटीपी पढ़ सकते हैं, यूपीआई पिन दर्ज कर सकते हैं और उपयोगकर्ता की जानकारी के बिना पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
आई4सी के मुताबिक, कोई भी ऐप केवल गूगल प्ले स्टोर या आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। सोशल मीडिया विज्ञापनों, संदिग्ध वेबसाइटों या मैसेज में आए अनजान एपीके लिंक पर क्लिक करने से बचें।
किसी नए ऐप को बिना जांचे-परखे एक्सेसिबिलिटी या विशेष एक्सेस की अनुमति न दें। मोबाइल में मौजूद सभी ऐप की नियमित रूप से जांच करते रहें और कोई अनजान ऐप नजर आने पर उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर दें। इसके अलावा मोबाइल में गूगल प्ले प्रोटेक्ट हमेशा चालू रखें और फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम को भी समय-समय पर अपडेट करते रहें।



