
नई दिल्ली। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बीच पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और मिसाइल गतिविधियों की कथित कोशिश को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते विफल कर दिया। खुफिया इनपुट मिलने के बाद अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर और आसपास के संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम को धार्मिक और सामरिक महत्व वाले स्थलों को निशाना बनाने की संभावित साजिश के तौर पर देख रही हैं।
सूत्रों के अनुसार सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इसके बाद भारतीय सेना, वायुसेना और एयर डिफेंस यूनिट्स को हाई अलर्ट पर रखा गया। भारतीय वायुसेना के एईडब्ल्यू एंड सी सिस्टम लगातार हवाई गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं, जबकि अत्याधुनिक ‘आकाश एयर डिफेंस सिस्टम’ और एल-70 एयर डिफेंस गनों को सक्रिय मोड में तैनात किया गया है।
ड्रोन गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर
रक्षा सूत्रों के मुताबिक संदिग्ध ड्रोन मूवमेंट को समय रहते ट्रैक कर लिया गया और किसी भी संभावित खतरे को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हैं और सीमा से लगे इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है। निगरानी ड्रोन, रडार सिस्टम और एयर डिफेंस नेटवर्क लगातार सक्रिय रखे गए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके।
स्वर्ण मंदिर की सुरक्षा बढ़ाई गई
स्वर्ण मंदिर की सुरक्षा को लेकर पंजाब पुलिस, बीएसएफ और भारतीय वायुसेना के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता में है और किसी भी तरह की आतंकी या सैन्य साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
सीमा पर हर गतिविधि पर नजर
रक्षा सूत्रों का कहना है कि भारत किसी भी उकसावे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। सीमा पार से आने वाले हर संभावित खतरे पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा बलों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।



