देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को नाबार्ड के शाखा कार्यालय, देहरादून में नाबार्ड से वित्तपोषित किसान उत्पादक संगठनों द्वारा आयोजित सेब महोत्सव 3.0 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की ओर से उत्पादित सेब की अलग-अलग प्रजातियों, कीवी, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने किसानों और FPO प्रतिनिधियों से उत्पादों की जानकारी ली और उनकी समस्याओं पर चर्चा की।
FPO को मजबूत और सस्टेनेबल बनाने की जरूरत
मुख्य सचिव ने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों को सिर्फ किसानों को एक मंच पर जोड़ने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्हें मजबूत, आत्मनिर्भर और सस्टेनेबल संस्थाओं के रूप में विकसित करना जरूरी है। इसके लिए FPO को लगातार मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और क्षमता विकास के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि FPO की मजबूती के लिए नाबार्ड और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए। उपलब्ध योजनाओं और संसाधनों को आपस में जोड़कर किसानों तथा किसान उत्पादक संगठनों तक अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जाएं।

खरीद, विपणन और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान
मुख्य सचिव ने कृषि और बागवानी उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने को खरीद, विपणन और उत्पादों की ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता को बढ़ावा देते हुए उन्हें उचित बाजार और बेहतर मूल्य से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार, नाबार्ड, संबंधित विभागों, किसान उत्पादक संगठनों, किसानों और अन्य स्टेकहोल्डर्स को मिलकर काम करना होगा। सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड के कृषि और बागवानी उत्पादों के लिए बेहतर बाजार तैयार करने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि की जा सकती है।
शीत भंडारण और जैविक प्रमाणन पर जोर

मुख्य सचिव ने किसानों के उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए शीत भंडारण की सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने उत्पादों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए ट्रेसेबिलिटी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जैविक उत्पादों के लिए जैविक प्रमाणन की प्रक्रिया को बढ़ावा देने की बात भी कही, ताकि किसानों के उत्पादों की पहचान और बाजार में उनकी स्वीकार्यता को बेहतर बनाया जा सके।
FPO के लिए विकसित हो मजबूत इकोसिस्टम
मुख्य सचिव ने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों को लंबे समय तक मजबूत और सस्टेनेबल बनाए रखने के लिए एक बेहतर इकोसिस्टम विकसित करने की आवश्यकता है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं, संसाधनों और संस्थागत सहयोग को एक साथ जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि FPO को निरंतर सहयोग मिलने से किसानों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा सकेगा और उन्हें अपने उत्पादों का उचित मूल्य भी मिल सकेगा।
इस अवसर पर सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज यादव, महाप्रबंधक नाबार्ड शशि कुमार समेत नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




