‘जब तक दुनिया रहेगी, वंदे मातरम गूंजता रहेगा’, हुमायूं कबीर का बड़ा बयान; ममता पर भी साधा निशाना

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हुमायूं कबीर के बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी है। बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर पहले चर्चा में आ चुके एएजीयूपी नेता हुमायूं कबीर ने अब ‘वंदे मातरम’ के समर्थन में खुलकर बयान दिया है। इसके साथ ही उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हाईकोर्ट जाने पर भी तीखा तंज कसा।
हुमायूं कबीर ने कहा कि “भारत में वंदे मातरम पहले भी था और जब तक दुनिया रहेगी, तब तक गूंजता रहेगा। इससे किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।” उनके इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
बुलडोजर कार्रवाई का किया समर्थन
हुमायूं कबीर ने अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि जहां भी गैरकानूनी निर्माण होंगे, वहां प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई गलत गतिविधियों में शामिल है तो उसके खिलाफ बुलडोजर एक्शन होना चाहिए और वह ऐसे कदमों का समर्थन करते हैं।
ममता के हाईकोर्ट जाने को बताया ‘नाटक’
कबीर ने ममता बनर्जी के काला कोट पहनकर कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचने पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में चुनाव बाद हिंसा के दौरान सरकार ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की थी, लेकिन अब अदालत जाकर “नाटक” किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि अब भाजपा सत्ता में है, इसके बावजूद पहले जैसी हिंसा देखने को नहीं मिली। साथ ही कहा कि कोर्ट जाने से पार्टी को कोई राजनीतिक फायदा नहीं मिलने वाला।
दो सीटों से जीते, अब बेटे को लड़ाएंगे चुनाव
हालिया विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर ने नौदा और रेजीनगर दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी। अब उन्होंने ऐलान किया है कि वह रेजीनगर सीट छोड़ देंगे और वहां से अपने बेटे को चुनाव मैदान में उतारेंगे।
कबीर ने दावा किया कि उनका बेटा उनसे भी बड़े अंतर से जीत हासिल करेगा। उनके इस बयान को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ममता के खिलाफ लगे नारे
उधर, गुरुवार को चुनाव बाद हिंसा से जुड़े मामले की सुनवाई के बाद जब ममता बनर्जी हाईकोर्ट परिसर से बाहर निकल रही थीं, तभी कुछ वकीलों ने उनके खिलाफ “चोर-चोर” के नारे लगाए।
इस घटना के बाद टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित वकीलों ने जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की। पार्टी नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कानूनी टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इसी बीच, ममता बनर्जी के वकीलों के गाउन में अदालत पहुंचने को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी है, जबकि पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू भी इस पर टिप्पणी कर चुके हैं।



