
UP में 104 PCS अफसरों को बड़ा तोहफा: योगी सरकार ने बढ़ाया वेतनमान, लेवल-11 पे स्केल का मिलेगा लाभ
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक सेवा से जुड़े 104 पीसीएस (PCS) अधिकारियों को बड़ा वित्तीय लाभ देते हुए उनके वेतनमान में बढ़ोतरी का आदेश जारी किया है। सरकार के इस फैसले के बाद अब इन अधिकारियों को उच्च समयमान वेतनमान के तहत लेवल-11 पे स्केल का लाभ मिलेगा।
जारी आदेश के अनुसार यह लाभ उन उपजिलाधिकारी (SDM) स्तर के अधिकारियों को दिया जाएगा, जिन्होंने पांच वर्ष की नियमित और संतोषजनक सेवा पूरी कर ली है। इस निर्णय को प्रशासनिक सेवा में अनुभव और कार्यक्षमता को प्रोत्साहन देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
ग्रेड पे में बदलाव, 67,700 से 2,08,700 रुपये तक वेतन
नियुक्ति विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक अधिकारियों का ग्रेड पे 5400 रुपये से बढ़ाकर 6600 रुपये के समकक्ष कर दिया गया है। इसके बाद अब इन अधिकारियों को पे मैट्रिक्स के लेवल-11 के तहत वेतन मिलेगा, जिसमें 67,700 रुपये से लेकर 2,08,700 रुपये तक का वेतनमान निर्धारित है।
शासन ने स्पष्ट किया है कि यह लाभ संबंधित अधिकारियों को उनके नाम के सामने दर्ज प्रभावी तिथि से व्यक्तिगत रूप से लागू होगा।
कई जिलों में तैनात अधिकारियों को मिलेगा लाभ
इस सूची में शामिल अधिकारी प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात हैं, जिनमें लखनऊ, कानपुर नगर, अयोध्या, वाराणसी, आगरा, उन्नाव, बहराइच, सीतापुर, गाजीपुर और मुजफ्फरनगर जैसे जिले शामिल हैं।
सरकार ने प्रोन्नति वर्ष 2018, 2019 और 2020 बैच के अधिकारियों को इस निर्णय के दायरे में रखा है। लंबे समय से लंबित वेतनमान लाभ मिलने से प्रशासनिक हलकों में इसे राहत भरे फैसले के तौर पर देखा जा रहा है।
104 अधिकारियों की सूची जारी
शासन द्वारा जारी सूची में राजेश कुमार सिंह, मनोज प्रकाश, देवेंद्र प्रताप सिंह, ज्ञानेंद्र विक्रम, अनुज नेहरा, संगीता राघव, ज्योति शर्मा, शुभम यादव सहित कई अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा ऋतुप्रिया, प्रीति तिवारी, आकांक्षा सिंह, सौम्य मिश्रा, सुशांत श्रीवास्तव, अभिषेक कुमार सिंह, पूजा चौधरी और विशाल कुमार समेत कुल 104 अधिकारियों को यह लाभ दिया गया है।
आदेश सभी जिलों को भेजा गया
विशेष सचिव अवनीश सक्सेना द्वारा जारी आदेश की प्रतियां सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को भेज दी गई हैं। वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही संबंधित अधिकारियों का वेतन निर्धारण किया जाएगा।
इस फैसले के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है, क्योंकि इसे अनुभव और सेवा अवधि को सीधा आर्थिक लाभ देने वाला कदम माना जा रहा है।



