
पटना: बिहार में वर्ष 2023 की सिपाही भर्ती लिखित परीक्षा में धांधली के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने श्रवण कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने एक अभ्यर्थी को परीक्षा पास कराने के लिए 9 लाख रुपये में सौदा तय किया था। गिरफ्तार आरोपी पटना जिले के सिगोड़ी थाना क्षेत्र के हादीनगर गांव का रहने वाला है। इस मामले में पहले ही परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी धनंजय कुमार को पकड़ा गया था। श्रवण से पूछताछ के बाद जांच एजेंसी को कई अहम जानकारियां मिली हैं और अब अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
9 लाख रुपये में तय हुआ था परीक्षा पास कराने का सौदा
ईओयू के मुताबिक, श्रवण कुमार ने अपने परिचित सेटर नीरज के जरिए धनंजय कुमार को परीक्षा में पास कराने की व्यवस्था की थी। इसके लिए 9 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। धनंजय को करीब तीन साल पहले बिहारशरीफ स्थित आवासीय मॉडल मध्य विद्यालय, भैंसासुर परीक्षा केंद्र से पकड़ा गया था। इस मामले में नालंदा के लहेरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसकी जांच अब ईओयू कर रही है।
अभ्यर्थी की जगह बैठना था दूसरे व्यक्ति को
जांच में सामने आया कि योजना के तहत धनंजय की जगह एक दूसरे व्यक्ति यानी स्कॉलर को परीक्षा में बैठाया जाना था। इसके लिए प्रवेश पत्र पर स्कॉलर के चेहरे से मेल खाती तस्वीर लगवाई गई थी। हालांकि, योजना के मुताबिक स्कॉलर परीक्षा केंद्र पर नहीं पहुंचा, बल्कि किसी दूसरी जगह परीक्षा देने चला गया। इसके बाद धनंजय खुद परीक्षा देने पहुंचा। आरोप है कि वह सेटर की ओर से उपलब्ध कराए गए ब्लूटूथ उपकरण का इस्तेमाल कर रहा था, जिसके चलते उसे पकड़ लिया गया।
फोन-पे के जरिए दिए गए थे 20 हजार रुपये
पूछताछ के दौरान श्रवण ने बताया कि उसने धनंजय से अपने मोबाइल के फोन-पे खाते पर 20 हजार रुपये लिए थे। इस रकम में से कुछ हिस्सा उसने नीरज को दिया, जबकि बाकी अपने पास रख लिया। जांच एजेंसी के अनुसार, धनंजय तक ब्लूटूथ उपकरण पहुंचाने में भी नीरज की भूमिका थी। अब ईओयू इस पूरे नेटवर्क और रकम के लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
नीरज और अन्य स्कॉलर की तलाश में जुटी ईओयू
मामले में सेटर नीरज और दूसरे स्कॉलर की तलाश जारी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा में धांधली की योजना में और कौन-कौन शामिल था। अधिकारियों को आशंका है कि पूछताछ और जांच के आगे बढ़ने पर इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। गौरतलब है कि सिपाही भर्ती परीक्षा 2023 की लिखित परीक्षा में धांधली सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी।



