
फरीदाबाद/पलवल: हरियाणा में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की दिशा में बल्लभगढ़ से पलवल तक मेट्रो विस्तार की योजना आगे बढ़ गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करीब 28 किलोमीटर लंबे इस मेट्रो मार्ग की अंतिम व्यवहार्यता रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित मार्ग पर लगभग 10 स्टेशन बनाए जाएंगे और पूरी लाइन जमीन से ऊपर यानी एलिवेटेड होगी। परियोजना की रिपोर्ट केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेज दी गई है। इस विस्तार से बल्लभगढ़ और पलवल के बीच आवागमन को सुविधाजनक बनाने की योजना है।
पलवल लघु सचिवालय के पास प्रस्तावित होगा अंतिम स्टेशन
प्रस्तावित मेट्रो मार्ग बल्लभगढ़ से शुरू होकर पलवल तक पहुंचेगा। करीब 28 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर लगभग 10 स्टेशन बनाने की योजना है। मेट्रो लाइन पूरी तरह एलिवेटेड होगी। पलवल में अंतिम स्टेशन लघु सचिवालय परिसर के पास प्रस्तावित है, जबकि लाइन का अंतिम छोर पलवल पुलिस लाइन के नजदीक रखने की योजना है। हालांकि, इन स्थानों को लेकर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।
सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचएमआरटीसी) को सौंपी जाएगी। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 4,500 करोड़ रुपये बताई गई है। वर्ष 2023 में किए गए शुरुआती तकनीकी अध्ययन में लगभग 25 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 10 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव था। बाद में इसकी प्रस्तावित लंबाई बढ़ाकर करीब 28 किलोमीटर कर दी गई।
मुख्य सचिव की बैठक में मेट्रो परियोजनाओं की समीक्षा
गुरुवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में गुरुग्राम और बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो परियोजनाओं को लेकर बैठक हुई। इसमें एचएमआरटीसी के प्रबंध निदेशक अजय कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो विस्तार की अंतिम व्यवहार्यता रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट आगे की प्रक्रिया के लिए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेजी जा चुकी है।
बैठक में हरियाणा में प्रस्तावित अन्य मेट्रो और क्षेत्रीय तीव्र परिवहन परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न मार्गों की योजना, निर्माण लागत और स्टेशनों की स्थिति से संबंधित जानकारी साझा की।
सेक्टर-56 से पचगांव तक मेट्रो परियोजना भी आगे बढ़ी
बैठक में बताया गया कि गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड स्थित सेक्टर-56 से पचगांव तक प्रस्तावित मेट्रो परियोजना को मंजूरी मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो चुकी है।
इस 35.25 किलोमीटर लंबे मार्ग पर करीब 10,410 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना के तहत 28 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाने की योजना है। पहला स्टेशन सेक्टर-56 में प्रस्तावित है, जहां से रैपिड मेट्रो के साथ संपर्क स्थापित होगा।
पचगांव में मेट्रो और दिल्ली के सराय काले खां से बावल तक प्रस्तावित नमो भारत रेल सेवा के बीच संपर्क के लिए इंटरचेंज स्टेशन बनाने की भी योजना है। इससे यात्रियों को अलग-अलग परिवहन सेवाओं के बीच आवागमन में सुविधा मिल सकती है।
गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत मार्ग पर भी चर्चा
बैठक में गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली प्रस्तावित नमो भारत परियोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों के अनुसार, गुरुग्राम और फरीदाबाद क्षेत्र में इस मार्ग की दिशा और स्टेशनों से संबंधित योजना को राज्य स्तर पर अंतिम रूप दिया जा चुका है।
इस परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट संबंधित विकास प्राधिकरणों को उनकी टिप्पणियों के लिए भेजी गई है। बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह और नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग के महानिदेशक जे. गणेशन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रैपिड मेट्रो में यात्रियों की संख्या 11.42 प्रतिशत बढ़ी
गुरुग्राम रैपिड मेट्रो में भी यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल अप्रैल से अगस्त के बीच रैपिड मेट्रो में 79.56 लाख यात्रियों ने सफर किया था। इस साल इसी अवधि में यात्रियों की संख्या बढ़कर 88.81 लाख पहुंच गई।
इस तरह यात्रियों की संख्या में करीब 11.42 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एचएमआरटीसी के प्रबंध निदेशक अजय कुमार ने गुरुवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान यह जानकारी दी।



