स्तम्भ
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सांसद आदर्श ग्राम योजना को ‘दम तोड़ते’ देखना दुखद
संजय सक्सेना लखनऊ : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रथम कार्यकाल की अति-महत्वाकाक्षी ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ को लेकर जो नतीजे…
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क्यों न अनाथालय को वृद्धाश्रम से जोड़ दिया जाए
कवि दशरथ प्रजापत राजस्थान: छोटी—छोटी व्यवस्थाओं से लोगों को अपार खुशी प्रदान की जा सकती हैं। देश में ऐसे कई…
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भारत की आर्थिक और सामाजिक स्थिति (सन 1980-2020) : एक विहंगावलोकन
के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-2 उसी प्रकार की बात विदेश व्यापार के नियमों के बारे मे भी अनुभव मे आती है। शोषण…
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सुशांत सिह राजपूत: आत्महत्या या हत्या की साजिश?
डॉ. धीरज फुलमती सिंह मुबंई: पटना से आया एक लड़का जब सिनेमा के रुपहले पर्दे पर मुस्कुराता था तो कई…
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भारत की आर्थिक और सामाजिक स्थिति (सन 1980-2020) : एक विहंगावलोकन
के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-1 द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति और संयुक्त राष्ट्र संघ आदि वैश्विक संगठनों के बाद ही सरकारवाद, जिसे…
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…फिर सामने आया बालिका संरक्षण गृह का ‘पाप’
संजय सक्सेना लखनऊ : उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर के राजकीय बाल गृह (बालिका) में करीब 59 नाबालिग लड़कियों…
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इक्कीसवीं सदी की भारत की यात्रा-एक पृष्ठभूमि
के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-3 2005 के बाद पूरी दुनिया में “विकास” के बारे में बहस भी शुरू हो गई। 2008 के…
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यारी डीजल और पेट्रोल की
ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश स्तम्भ: पेट्रोल, डीजल और बिजली की दरों में सरकार द्वारा समय-समय पर की जाने वृद्धि विपक्ष की…
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उत्तर पूर्वी भारत में नृजातीय पहचान बचाने की कवायद
विवेक ओझा स्तम्भ: उत्तर पूर्वी भारतीय राज्यों के लिए नृजातीय समुदायों के अधिवास की समस्या एक बड़ी चुनौती के रूप…
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इक्कीसवीं सदी की भारत की यात्रा-एक पृष्ठभूमि
के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-2 भारत पहले रूस, फिर थोड़े समय चीन और 1990 से अमेरिका बनने की कोशिश मे लगा। पर…
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चीन विवाद : जनभावनाओं को समझने में चूकती कांग्रेस
डॉ अजय खेमरिया स्तम्भ : राहुल गांधी कांग्रेस के लिए तब तक अपरिहार्य राजनीतिक समस्या बने रहेंगे जब तक वे…
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इक्कीसवीं सदी की भारत की यात्रा-एक पृष्ठभूमि
के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-1 जैसा कई बार कहा जा चुका है कि समाज मे पिछले 500 वर्षों मे जो बदलाव आया…
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प्रवासी मजदूर और गरीब कल्याण रोजगार योजना
कन्हैया पांडे नई दिल्ली: कोविड-19 महामारी ने संपूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। वर्तमान समय में पूरा…
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जीवन के आनन्द का आधार है योग का नियमित अभ्यास
डॉ. योगी रवि नई दिल्ली: युज धातु से उत्पन्न योग का अर्थ है अपूर्णता का पूर्णता से मिलन। व्यवहारिक रूप…
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बदले-बदले से दिखे नरेंद्र भाई !
स्तम्भ: 19 जून 2020 को लद्दाख पर हुई सर्वदलीय बैठक में नरेंद्र दामोदरदास मोदी बड़े उन्मन लगे। नखहीन व्याघ्र की…
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भारतीय समाज को भारतीय नजरिये से समझने की एक कोशिश
के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-6 सन् 60 से 75 तक तो दुनिया मे अमीर देश उपनिवेशवाद का पुराना चोला उतारकर नया जामा…
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हिन्दी-चीनी नाहीं नाहीं
ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश स्तम्भ: ‘हिन्दी-चीनी भाई भाई’ का नारा जब कभी भी हवा में लहराता है तो सबसे पहले दो…
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भारतीय समाज को भारतीय नजरिये से समझने की एक कोशिश
के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-5 सन् 50 तक तो अंग्रेजों को दोष दिया जाना शायद कुछ जायज होता। उसमे भी इस प्रश्न…
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अवसाद से बचने के लिए वाह्य से ज्यादा जरूरी होता हैं आतंरिक परिवर्तन
डॉ. प्रियंका शुक्ला स्तम्भ: मानव जीवन में मानसिक अवसाद ऐसी अवस्था है जो व्यक्ति को बाहर से नहीं बल्कि अन्दर…
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भारतीय समाज को भारतीय नजरिये से समझने की एक कोशिश
के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-4 1500–1900 के कालखंड उपनिवेशवाद, नरसंहार, स्थानिक आबादी का उत्पीड़न, प्रवासी यूरोपीय जन का आधिपत्य आदि का ही…
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मेरे देश के जवानों को शत शत नमन
पूनम चंद्रवंशी कुर्बान कुछ मेरे सपनों की पहचान थीकुछ मां के सपनों का था मान ना समझा ना जाना जो…
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कोरोना-प्राइवेट लैब और हॉस्पिटलों की लूट खसोट!
डॉ.धीरज फुलमती सिंह मुबंई: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा कहते रहते है कि आपदा मे भी अवसर छुपा होता…
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पॉलिटिक्स पप्पू से लल्लू तक
ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश स्तम्भ: तीन जुलाई 2019 को राहुल गॉधी हिट विकेट आउट क्या हुए तब से खिलाड़ियों के लिए…
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चीन से निपटने के तरीके
कन्हैया पांडे नई दिल्ली : भारत चीन सीमा पर विवाद गहराता जा रहा है एक दिन पहले ही चीन की…
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भारत में डेयरी उद्योग और आत्मनिर्भर भारत अभियान
कन्हैया पांडे नई दिल्ली: कहते है भारत की आत्मा गावो में बसती है,और उन्हीं गावो में रहते है किसान।यही किसान…
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भारतीय समाज को भारतीय नजरिये से समझने की एक कोशिश
के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-2 स्तम्भ: सामान्यतः लोग समाज परिवर्तन के संदर्भ में राजसत्ता के महत्त्व और उसकी भूमिका के बारे में…
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कोरोना के बाद बदला जा सकता है भारत के ‘ब्रेन ड्रेन’ को ‘ब्रेन रेन’ में
एमसीयू की ‘कुलपति संवाद’ व्याख्यानमाला में ‘’सूचना प्रौद्योगिकी और आत्मनिर्भर भारत’ विषय पर प्रो. राज नेहरू ने रखे विचार भोपाल…
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दलित वोटरों की ‘पीठ’ पर चढ़़ मुस्लिम तुष्टिकरण की सियासत करती माया और भीम आर्मी
संजय सक्सेना लखनऊ : उत्तर प्रदेश में दलित वोटर हमेशा से निर्णायक भूमिका में रहे हैं। दलितों के सहारे कांग्रेस…
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