टिहरी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को टिहरी गढ़वाल के गजा क्षेत्र में आयोजित गजा घण्टाकर्ण महोत्सव-2026 (द्वितीय संस्करण) का दीप प्रज्वलित कर भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के समग्र विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गजा क्षेत्र के लिए विकास योजनाओं की घोषणा करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएंगी।
घंटाकर्ण मंदिर तक रोपवे की सौगात
मुख्यमंत्री ने सबसे अहम घोषणा करते हुए घंटाकर्ण महादेव मंदिर तक रोपवे निर्माण की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। साथ ही गजा क्षेत्र में आंतरिक मार्गों के निर्माण, गजा मैदान के विस्तारीकरण और मंच निर्माण की भी घोषणा की गई।

शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने शहीद विक्रम सिंह नेगी राजकीय पॉलिटेक्निक गजा में फार्मेसी विषय की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की। इसके अलावा कोटेश्वर झील के विकास और डांडाचली में इको पार्क निर्माण की योजना को भी मंजूरी दी गई। पावकी देवी और चमराड़ा देवी मंदिरों के सौंदर्यीकरण की घोषणा भी की गई।
सड़क, अस्पताल और बिजली परियोजनाओं की घोषणा
मुख्यमंत्री ने दंदेली, अंदरफीगांव, फलसारी, बिमाण गांव और रणाकोट डांडा जमोला मोटर मार्गों की स्वीकृति की घोषणा की। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए चाका महिला अस्पताल को पीएचसी में उच्चीकृत करने और सामुदायिक भवन के सुदृढ़ीकरण की बात कही गई। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में कई विद्यालयों और महाविद्यालयों के उच्चीकरण की घोषणा भी की गई।

तहसील स्तरीय कार्यालय और आधारभूत ढांचे का विस्तार
मुख्यमंत्री ने गजा तहसील में लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, जल संस्थान और जल निगम के तहसील स्तरीय कार्यालयों की स्वीकृति की घोषणा की। साथ ही हेंवल नदी में झील निर्माण और 33 केवी सब स्टेशन की स्थापना को भी मंजूरी दी गई।
सांस्कृतिक विरासत और विकास का संतुलन
कार्यक्रम का शुभारंभ अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज गजा में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री ने घंटाकर्ण मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की और शहीद बेलमती चौहान की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि गजा महोत्सव उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और धार्मिक आस्था को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।




