
गंगा एक्सप्रेसवे देगा विकास के जरिए राजनीतिक संतुलन का संदेश, प्रधानमंत्री मोदी करेंगे लोकार्पण
हरदोई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 अप्रैल को हरदोई के मल्लावां क्षेत्र में बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। यह अवसर केवल एक विशाल अवसंरचना परियोजना के शुभारंभ तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे उत्तर प्रदेश की सामाजिक विविधता और राजनीतिक संतुलन को साधने वाले एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है। मेरठ से प्रयागराज तक एक्सप्रेसवे प्रदेश के पश्चिम, मध्य और पूर्वी हिस्सों को जोड़ते हुए विकास की नई धारा के रूप में उभर रहा है।
परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2021 में शाहजहांपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2022 चुनाव के पहले किया था तो आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व इसका लोकार्पण भी उन्हीं के हाथों हरदोई में होना अपने आप में राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट की शुरुआत और समापन दोनों ही प्रधानमंत्री के हाथों होना इसे एक राष्ट्रीय महत्व की परियोजना के रूप में स्थापित करता है।
भौगोलिक और सामाजिक दृष्टि से यह एक्सप्रेसवे विविध क्षेत्रों से होकर गुजरता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जहां जाट, मुस्लिम और गुर्जर समुदायों की उपस्थिति है, वहीं मध्य उत्तर प्रदेश हरदोई क्षेत्र में ब्राह्मण, ठाकुर और पिछड़े वर्ग करीब समान रूप में है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्ग, दलित और सवर्ण समुदायों की विविध सामाजिक संरचना देखने को मिलती है।
हरदोई परिक्षेत्र को राजनीतिक रूप से भी “मिनी उत्तर प्रदेश” कहा जाता है, क्योंकि यह न तो पूरी तरह पश्चिम का हिस्सा है और न ही पूर्व का, बल्कि यह सामाजिक और राजनीतिक संतुलन का केंद्र माना जाता है, इसलिए यहां से परियोजना का शुभारंभ सभी वर्गों तक विकास पहुंचाने के प्रतीकात्मक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति लंबे समय तक जातीय समीकरणों पर आधारित रही है, लेकिन अब बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के जरिए विकास आधारित राजनीति को प्राथमिकता दी जा रही है। गंगा एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाते हैं, बल्कि रोजगार, निवेश और क्षेत्रीय विकास का मार्ग भी खोलते हैं।
मध्य और पिछड़े वर्गों की बहुलता वाले क्षेत्रों को इससे विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह संदेश भी दिया जा रहा है कि विकास किसी एक क्षेत्र या वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में समान रूप से पहुंचाया जा रहा है।
चुनावी समय के करीब इस लोकार्पण को सरकार की विकास उपलब्धियों के प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, गंगा एक्सप्रेसवे का हरदोई से लोकार्पण केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि विकास, सामाजिक संतुलन और राजनीतिक समरसता का प्रतीकात्मक संदेश माना जा रहा है।



