देहरादून में मंगलवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड वन संसाधन प्रबंधन समिति की उच्चाधिकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के विभिन्न कार्यकलापों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा कई प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।
अखरोट विकास कार्यक्रम की प्रगति पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अखरोट विकास कार्यक्रम के अंतर्गत लगाए गए अखरोट के पौधों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित वन प्रभाग के डीएफओ को निर्देश दिए कि पौधों के विकास और उनकी वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही उन्होंने किसानों को हो रहे फलोत्पादन की भी अद्यतन स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मूल्यांकन से भविष्य की कार्ययोजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
जापानी तकनीक से लैंडस्लाइड न्यूनीकरण पर जोर

मुख्य सचिव ने योजना के तहत जापान के तकनीकी सहयोग एवं मार्गदर्शन से मृदा अपरदन नियंत्रण और अवसाद आपदा शमन के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जापानी तकनीक के महत्वपूर्ण पहलुओं को आपदा प्रबंधन विभाग के साथ साझा किया जाए, जिससे राज्य में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) न्यूनीकरण के प्रयासों को मजबूती मिल सके। उन्होंने इसे आपदा प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
स्वयं सहायता समूहों और आजीविका संवर्धन पर फोकस
बैठक में मुख्य सचिव ने योजना के अंतर्गत आजीविका से जुड़े स्वयं सहायता समूहों, क्लस्टरों और राज्य स्तरीय फेडरेशन की क्षमता विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने इनके लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और निरंतर हैंडहोल्डिंग सपोर्ट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पिरूल की तर्ज पर लैंटाना जैसी आक्रामक वनस्पति पर भी प्रभावी कार्य किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर पीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, धीराज गर्ब्याल, सी. रविशंकर, एपीसीसीएफ नरेश कुमार, अपर सचिव हिमांशु खुराना सहित वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




