देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से अब पहली बार पहाड़ के दूरदराज इलाकों के लिए ‘हिमगिरी’ बस सेवा शुरू होने जा रही है। पहले चरण में 11 सितंबर से बीरोंखाल और थलीसैंण के लिए बसें चलेंगी। देहरादून से पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग के अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ने वाली कुल 11 बस सेवाओं को संचालन की अनुमति मिली है। इसके साथ ही देहरादून के लोगों के लिए दो और बड़ी राहत की खबरें हैं। अब ऑटो रिक्शा जौलीग्रांट एयरपोर्ट और हिमालयन अस्पताल तक जा सकेंगे, जबकि दून अस्पताल में दिल की खुली सर्जरी की सुविधा शुरू करने की तैयारी है।
देहरादून से पहाड़ी क्षेत्रों के लिए इन बस सेवाओं को शुरू करने की कवायद कई वर्षों से चल रही थी। राज्य परिवहन प्राधिकरण से परमिट मिलने के बाद क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण की मंजूरी भी मिल गई है। बस सेवाओं के शुरू होने से राजधानी देहरादून सीधे पहाड़ के कई दूरस्थ क्षेत्रों से जुड़ जाएगी।
पहले चरण में दो मार्गों पर बस सेवा
गढ़वाल मोटर ओनर्स यूनियन लिमिटेड पहले चरण में बीरोंखाल और थलीसैंण के लिए बस सेवा शुरू कर रहा है। इन सेवाओं का संचालन भुड्डी गांव के पास चांदनी चौक से किया जाएगा। कुछ बसें ऋषिकेश के रास्ते और कुछ हरिद्वार के रास्ते पहाड़ी क्षेत्रों तक जाएंगी।
जीएमओयू के पर्यटन अधिकारी अनिल बरगली के मुताबिक क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण ने बस संचालन की अनुमति दे दी है। 10 सितंबर को बसें कोटद्वार से चलेंगी, जबकि शुक्रवार को देहरादून से इन सेवाओं का शुभारंभ किया जाएगा। पहले चरण में दो सेवाएं शुरू होंगी। यात्रियों की संख्या और रुझान को देखते हुए बाकी सेवाएं भी आगे शुरू की जाएंगी।
इन नौ मार्गों पर दूसरे चरण में सेवा
- देहरादून से ऋषिकेश, श्रीनगर, कर्णप्रयाग, चमोली और पीपलकोटी होते हुए जोशीमठ
- देहरादून से ऋषिकेश, देवप्रयाग, सतपुली, एकेश्वर और पोखड़ा होते हुए बैजरो
- देहरादून से ऋषिकेश, श्रीनगर, कर्णप्रयाग, चमोली और गोपेश्वर होते हुए रोपा बछेर
- देहरादून से ऋषिकेश, देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग और पोखरी होते हुए कलसिर
- देहरादून से ऋषिकेश, देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, कुंड और ऊखीमठ होते हुए सारी
- देहरादून से ऋषिकेश, देवप्रयाग, पौड़ी और त्रिपालीसैंण होते हुए थलीसैंण
- देहरादून से हरिद्वार, कोटद्वार, रथवाढाब और धूमाकोट होते हुए गोलीखाल
- देहरादून से हरिद्वार, कोटद्वार, डेरियाखाल और रिखणीखाल होते हुए भौंण
- देहरादून से ऋषिकेश, लक्ष्मणझूला, गुमखाल और जहरीखाल होते हुए लैंसडौन
रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने जताया विरोध
देहरादून से पर्वतीय मार्गों पर जीएमओयू की बसें चलाए जाने का उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने विरोध किया है। संगठन के प्रदेश महामंत्री रविनंदन कुमार ने इस संबंध में परिवहन मंत्री को पत्र भेजकर आपत्ति जताई है।
अब ऑटो से सीधे जौलीग्रांट एयरपोर्ट तक सफर
देहरादून से डोईवाला जाने वाले ऑटो रिक्शा अब जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल और एयरपोर्ट तक जा सकेंगे। परिवहन विभाग ने 13 अगस्त को हुई क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक के कार्यवृत्त जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही बैठक में लिए गए फैसले आधिकारिक तौर पर सामने आ गए हैं।
ऑटो संचालक लंबे समय से एयरपोर्ट और जौलीग्रांट अस्पताल तक संचालन की अनुमति मांग रहे थे। जनहित और मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने इसकी मंजूरी दी है। इससे मरीजों, उनके तीमारदारों और हवाई यात्रियों को सस्ता और आसान परिवहन विकल्प मिलेगा।
बैठक में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई अन्य फैसले भी लिए गए। शहर के आंतरिक और ग्रामीण मार्गों पर वाहनों के सुचारु संचालन, नए परमिट के निस्तारण और बिजली से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के सचिव संदीप सैनी ने कहा कि इन फैसलों के लागू होने के बाद यात्रियों की आवाजाही अधिक आसान और व्यवस्थित होगी।
दून अस्पताल में दिल की खुली सर्जरी की तैयारी
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब एंजियोप्लास्टी के साथ दिल की खुली सर्जरी और हृदय एवं वक्ष संबंधी सर्जरी की सुविधा शुरू करने की तैयारी है। बुधवार को दिल्ली से आई तकनीकी टीम ने अस्पताल का निरीक्षण कर प्रस्तावित व्यवस्था का जायजा लिया।
तकनीकी टीम ने ऑपरेशन थिएटर, गहन चिकित्सा कक्ष, वार्ड और हृदय जांच प्रयोगशाला की व्यवस्थाओं को देखा। अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने के बाद आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को दिल की सर्जरी मुफ्त मिल सकेगी, जबकि निजी अस्पतालों में इसके लिए लाखों रुपये तक खर्च होते हैं।
निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना के निर्देश पर उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनम्र मित्तल, विभागाध्यक्ष डॉ. सलिल गर्ग और अन्य अधिकारियों ने तकनीकी टीम के डॉ. कार्तिक के साथ अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कराया। निदेशक के मुताबिक इकाई के संचालन के लिए जरूरी संसाधनों, ऑपरेशन थिएटर और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश प्राचार्य डॉ. गीता जैन को दिए गए हैं।




