लेबनान में इजराइली ड्रोन हमलों से मचा हड़कंप, हाईवे पर वाहनों को बनाया निशाना; महिला और बच्चों समेत 12 की मौत

बेरुत: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और हिंसा के बीच बुधवार को लेबनान में इजराइली ड्रोन हमलों ने भारी तबाही मचा दी। राजधानी बेरुत को दक्षिणी बंदरगाह शहर सिडोन से जोड़ने वाले प्रमुख हाईवे पर हुए सिलसिलेवार हमलों में एक महिला और उसके दो बच्चों समेत कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई। हमलों के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
हाईवे पर चलते वाहनों पर बरसे ड्रोन हमले
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इजराइली ड्रोन ने अलग-अलग इलाकों में कुल सात वाहनों को निशाना बनाया। इनमें से तीन हमले बेरुत के दक्षिण में स्थित मुख्य राजमार्ग पर किए गए, जबकि एक हमला सादियात शहर के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले इतने अचानक हुए कि लोगों को संभलने या सुरक्षित निकलने का मौका तक नहीं मिला।
अधिकारियों ने बताया कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि निशाना बनाए गए सभी वाहनों में कितने लोग सवार थे। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में अभियान चला रहे हैं।
इजराइल ने हिज्बुल्ला ठिकानों को निशाना बनाने का किया दावा
इजराइली सेना ने दावा किया है कि यह कार्रवाई दक्षिणी लेबनान में मौजूद हिज्बुल्ला के ठिकानों को निशाना बनाकर की गई। सेना के अनुसार, ऑपरेशन का उद्देश्य हिज्बुल्ला की गतिविधियों को कमजोर करना था।
बताया जा रहा है कि हमलों से कुछ घंटे पहले इजराइल की ओर से दक्षिणी लेबनान के छह गांवों के लोगों को तत्काल इलाका खाली करने की चेतावनी भी जारी की गई थी।
हिज्बुल्ला का पलटवार, ड्रोन हमलों का दावा
इजराइली कार्रवाई के बाद हिज्बुल्ला ने भी जवाबी हमले का दावा किया है। संगठन की ओर से कहा गया कि उसने इजराइली सेना के खिलाफ कई ड्रोन ऑपरेशन अंजाम दिए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव लगातार गहराता जा रहा है और दोनों पक्षों के बीच हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
संघर्षविराम के बावजूद नहीं थम रही हिंसा
अमेरिका की मध्यस्थता में 17 अप्रैल को हुए संघर्षविराम समझौते के बावजूद इजराइल और लेबनान के बीच हमले लगातार जारी हैं। दोनों देशों के बीच दशकों पुराना विवाद एक बार फिर गंभीर टकराव की स्थिति में पहुंचता दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रहे हमले क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा सकते हैं, जिसका असर पूरे मिडिल ईस्ट पर पड़ सकता है।
वॉशिंगटन वार्ता पर टिकी दुनिया की नजर
लगातार बढ़ती हिंसा के बीच अब निगाहें अमेरिका में होने वाली वार्ता पर टिक गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों के बीच तनाव कम कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए गए हैं।
गुरुवार को वॉशिंगटन में प्रस्तावित बातचीत को बेहद अहम माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उम्मीद है कि यह वार्ता क्षेत्र में जारी खूनी संघर्ष को रोकने की दिशा में कोई सकारात्मक रास्ता निकाल सकती है।



