केरल कांग्रेस में नया विवाद: महिला विधायक को गले लगाने की कोशिश का वीडियो वायरल, वरिष्ठ नेता पर उठे सवाल

केरल की राजनीति में एक वीडियो को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस दफ्तर में आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नेता चेरियन फिलिप द्वारा महिला विधायक बिंदु कृष्णा को गले लगाने की कोशिश का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस घटना पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। मामला महिलाओं के सम्मान और सार्वजनिक व्यवहार की मर्यादा से जोड़कर देखा जा रहा है।
स्वागत कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम स्थित कांग्रेस कार्यालय में कोल्लम सीट से जीत दर्ज करने वाली बिंदु कृष्णा का स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान यह घटना हुई। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बिंदु कृष्णा वहां मौजूद नेताओं से मुलाकात कर रही थीं। जब वह चेरियन फिलिप के पास पहुंचीं तो उन्होंने सामान्य तरीके से हाथ मिलाने के लिए हाथ आगे बढ़ाया।
इसी दौरान चेरियन फिलिप ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींचने की कोशिश की और गले लगाने का प्रयास किया। वीडियो में बिंदु कृष्णा असहज दिखाई देती हैं। वह तुरंत खुद को पीछे करती हैं और वहां से आगे बढ़ जाती हैं। घटना के बाद यही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।
सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराजगी
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई यूजर्स ने सार्वजनिक मंच पर इस तरह के व्यवहार को अनुचित बताया। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि जब महिला विधायक स्पष्ट रूप से असहज नजर आ रही थीं, तब भी ऐसा व्यवहार क्यों किया गया।
एक यूजर ने लिखा कि निर्वाचित महिला प्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार सार्वजनिक जीवन की गरिमा के खिलाफ है। वहीं कुछ अन्य लोगों ने इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा। भाजपा नेताओं ने भी इस मामले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और पार्टी की महिला नेताओं से प्रतिक्रिया देने की मांग की।
कांग्रेस की ओर से अब तक नहीं आया बयान
विवाद बढ़ने के बावजूद फिलहाल इस मामले में न तो चेरियन फिलिप की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है और न ही बिंदु कृष्णा ने सार्वजनिक रूप से कोई बयान दिया है। कांग्रेस पार्टी की तरफ से भी अब तक कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
महिलाओं के सम्मान को लेकर छिड़ी बहस
इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में महिलाओं के प्रति सार्वजनिक व्यवहार, राजनीतिक कार्यक्रमों में मर्यादा और व्यक्तिगत सीमाओं के सम्मान को लेकर बहस तेज हो गई है। कई लोगों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं को अपने आचरण को लेकर और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।



