‘पन्ना प्रमुखों ने ही दिलाई BJP को तीसरी बार सत्ता’, बीरेंद्र सिंह के बयान पर ओमप्रकाश धनखड़ का पलटवार

चंडीगढ़: हरियाणा में भाजपा के पन्ना प्रमुखों को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बयान के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने बीरेंद्र सिंह के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि हरियाणा में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने में पन्ना प्रमुखों की सबसे अहम भूमिका रही है।
बीरेंद्र सिंह के दावे को बताया पूरी तरह गलत
दरअसल, कांग्रेस में लौट चुके पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने दावा किया था कि भाजपा द्वारा बनाए गए करीब सवा तीन लाख पन्ना प्रमुखों की जमीनी स्तर पर कोई मौजूदगी नहीं थी और उन्हें केवल औपचारिक रूप से बनाया गया था। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि यह दावा पूरी तरह निराधार है।
‘चौथी बार भी पन्ना प्रमुख निभाएंगे निर्णायक भूमिका’
धनखड़ ने कहा कि हरियाणा में तीसरी बार भाजपा की सरकार पन्ना प्रमुखों की बदौलत बनी है और भविष्य में चौथी बार सरकार बनाने में भी यही कार्यकर्ता निर्णायक भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि पन्ना प्रमुख भाजपा संगठन की सबसे मजबूत कड़ी हैं और चुनावी सफलता में उनका बड़ा योगदान रहता है।
पन्ना प्रमुख अभियान की शुरुआत का किया जिक्र
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान ही पन्ना प्रमुख बनाने का अभियान शुरू किया गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए इस अभियान को आगे बढ़ाया। उनके बाद मोहन लाल बडौली ने इस प्रक्रिया को गति दी और अब प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता इसे आगे बढ़ा रही हैं।
‘भाजपा केवल संगठन नहीं बनाती, जिम्मेदारी भी देती है’
ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि भाजपा केवल संगठन खड़ा करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां भी सौंपती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठनात्मक संस्कृति को समझने के बजाय लगातार भाजपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती रही है।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
धनखड़ ने कहा कि चुनाव के दौरान कांग्रेस के नेताओं ने भाजपा के पन्ना प्रमुखों की व्यवस्था को खत्म करने की बातें कही थीं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पन्ने नहीं फटे, बल्कि कांग्रेस ही बिखर गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा संगठन किसी एक व्यक्ति या आंकड़े पर नहीं चलता, बल्कि राष्ट्रीय स्तर तक पंजीकृत मजबूत संगठनात्मक ढांचे पर आधारित है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आलोचना करने के बजाय संगठन निर्माण से सीख लेनी चाहिए।



