
राम मंदिर चंदा विवाद पर गरमाई सियासत, संजय राउत की बड़ी मांग- ‘राम मंदिर ट्रस्ट को तुरंत बर्खास्त करे सरकार’
अयोध्या: राम मंदिर में कथित चंदा चोरी और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए राम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित घोटाला पूरी योजना के तहत अंजाम दिया गया और इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
‘यह साधारण मामला नहीं, संगठित अपराध है’
संजय राउत ने कथित चंदा घोटाले को डकैती बताते हुए कहा कि इसमें पांच से अधिक लोगों की संलिप्तता है। उनके अनुसार यह पूरी तरह से सुनियोजित और संगठित अपराध है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और संबंधित लोगों पर सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि राम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए।
राउत ने कहा कि यह मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई अन्य लोगों की भूमिका होने का भी आरोप है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे मामलों में जांच एजेंसियां तत्काल कार्रवाई करती हैं, लेकिन इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की चुप्पी पर भी उठाए सवाल
शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में शामिल लोगों को बचाने और सबूत मिटाने की कोशिश की जा रही है। राउत ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है।
दान और आभूषणों में गड़बड़ी का लगाया आरोप
संजय राउत ने दावा किया कि श्रद्धालुओं द्वारा भगवान श्रीराम और माता सीता को अर्पित किए गए दान और बहुमूल्य आभूषणों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि माता सीता को चढ़ाया गया सोने का मंगलसूत्र, भगवान श्रीराम और माता सीता के कंगन, झुमके, अन्य स्वर्ण आभूषण और स्वर्ण रामचरितमानस कथित रूप से गायब हैं।
उन्होंने इस पूरे मामले के लिए भाजपा पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कथित घटनाओं में शामिल लोग भाजपा से जुड़े हुए हैं।
‘राम रक्षा आंदोलन’ को पूरे देश तक ले जाने की तैयारी
इस बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में ‘राम रक्षा आंदोलन’ की शुरुआत की है। पार्टी का कहना है कि यह अभियान पहले पूरे महाराष्ट्र और उसके बाद देश के अन्य राज्यों तक चलाया जाएगा।
संजय राउत ने कहा कि यह केवल एक दिन का विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि मंदिरों की संपत्ति और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए शुरू किया गया व्यापक जनआंदोलन है।
दादर से हुई अभियान की शुरुआत
उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस आंदोलन की घोषणा की थी। उन्होंने बताया था कि रविवार शाम चार बजे मुंबई के दादर से अभियान की शुरुआत की जाएगी, जहां कार्यकर्ता हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। साथ ही उन्होंने बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व के विचारों में विश्वास रखने वाले लोगों से इस आंदोलन से जुड़ने की अपील भी की।



