
नई दिल्ली: आलू लगभग हर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है और इसे पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियों में गिना जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इसका अत्यधिक सेवन कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। खासतौर पर इसमें मौजूद अधिक कार्बोहाइड्रेट और उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
आहार विशेषज्ञों के अनुसार, आलू में मौजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर में तेजी से पचता है, जिससे रक्त में शुगर और इंसुलिन का स्तर अचानक बढ़ता और फिर तेजी से गिरता है। यही वजह है कि अधिक मात्रा में आलू का सेवन टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम से जुड़ा माना जाता है।
क्या है ग्लाइसेमिक इंडेक्स और क्यों है जरूरी?
ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वह पैमाना है, जिससे यह आंका जाता है कि कोई कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ रक्त में ग्लूकोज का स्तर कितनी तेजी से बढ़ाता है। जिन खाद्य पदार्थों का GI अधिक होता है, वे ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं। आलू भी ऐसे ही खाद्य पदार्थों में शामिल है।
बार-बार लग सकती है भूख
विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ खाने के बाद जल्द ही दोबारा भूख महसूस हो सकती है। इससे जरूरत से ज्यादा भोजन करने की आदत विकसित हो सकती है, जो आगे चलकर वजन बढ़ने का कारण बनती है।
मोटापा, डायबिटीज और हृदय रोग का बढ़ सकता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक अधिक मात्रा में आलू या तेजी से पचने वाले कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकता है। ऐसे में संतुलित मात्रा में सेवन करना बेहतर माना जाता है।
20 साल के अध्ययन में सामने आए अहम तथ्य
‘द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन’ में प्रकाशित एक अध्ययन में करीब 20 वर्षों तक 1.20 लाख लोगों के खानपान और जीवनशैली का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि फ्रेंच फ्राइज, बेक्ड और मैश किए हुए आलू का अधिक सेवन करने वाले लोगों का वजन अपेक्षाकृत तेजी से बढ़ा। वहीं, जिन्होंने आलू की मात्रा कम कर हरी सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल किया, उनमें वजन बढ़ने की संभावना कम देखी गई।
हाई ब्लड प्रेशर से भी जुड़ा पाया गया संबंध
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल द्वारा 1.87 लाख पुरुषों और महिलाओं पर किए गए तीन अध्ययनों के विश्लेषण में पाया गया कि सप्ताह में चार या उससे अधिक बार बेक, उबले या मैश किए हुए आलू खाने वालों में उच्च रक्तचाप का खतरा अन्य लोगों की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक था। वहीं, सप्ताह में चार या उससे अधिक बार फ्रेंच फ्राइज का सेवन करने वालों में यह जोखिम 17 प्रतिशत तक अधिक पाया गया।
विशेषज्ञों की सलाह
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन की वरिष्ठ आहार विशेषज्ञ विक्टोरिया टेलर के अनुसार, यह अध्ययन केवल आलू के सेवन और उच्च रक्तचाप के बीच संबंध दर्शाता है। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि आलू सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनता है। विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना ही बेहतर स्वास्थ्य का सबसे प्रभावी तरीका है।



