
रायपुर: छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खैरागढ़ में निर्माणाधीन संयुक्त जिला कार्यालय भवन, सर्किट हाउस, बायपास मार्ग, आमनेर नदी पर बन रहे उच्च स्तरीय पुल और सड़क चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्धारित तकनीकी मानकों तथा गुणवत्ता के अनुरूप सभी कार्य तय समयसीमा में पूरे करने के निर्देश दिए।
18.75 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा संयुक्त जिला कार्यालय
सचिव मुकेश कुमार बंसल ने 18 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहे संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यपालन अभियंता एल.एन.एस. राठौर ने निर्माण की प्रगति की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भवन के भूतल में स्तंभ निर्माण का काम पूरा हो चुका है। प्रथम तल के ब्लॉक ए में स्लैब और शटरिंग का कार्य जारी है, जबकि ब्लॉक बी और सी में कॉलम स्तर तक निर्माण पूरा कर लिया गया है। इस भवन को जून 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मार्च 2027 तक पूरा होगा सर्किट हाउस का निर्माण
बंसल ने खैरागढ़ में 3 करोड़ 4 लाख रुपये की लागत से बन रहे सर्किट हाउस का भी निरीक्षण किया। यहां भवन के ऊपरी ढांचे का निर्माण कार्य चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इसका निर्माण मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सचिव ने निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
आमनेर नदी पुल के पांच पियर और तीन स्पैन का काम जारी
निरीक्षण के दौरान सचिव ने खैरागढ़ बायपास मार्ग पर आमनेर नदी में निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल की स्थिति भी देखी। पुल के दोनों एबटमेंट का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा सभी पांच पियर तैयार करने का काम पूरा कर लिया गया है और छह में से तीन स्पैन की ढलाई का कार्य प्रगति पर है। पुल को फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सड़क निर्माण में आ रही बाधाएं जल्द दूर करने के निर्देश
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने राज्य मार्ग क्रमांक-5 पर 10.40 किलोमीटर लंबे हिस्से में चल रहे सड़क चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया गया कि मार्ग पर 10 किलोमीटर हिस्से में डीबीएम कार्य किया जा रहा है।
इसके साथ ही 400 मीटर क्षेत्र में पेड़ों की कटाई, पाइपलाइन और बिजली के खंभों को स्थानांतरित करने से जुड़ी बाधाओं को जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी न हो।
निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एन.के. जयंत, अधीक्षण अभियंता अर्पणा चौरपगार, सेतु संभाग दुर्ग के कार्यपालन अभियंता चंद्रकिशोर पाण्डेय और विद्युत एवं यांत्रिकी संभाग दुर्ग के कार्यपालन अभियंता अब्दुल कादिर सहित विभाग के अन्य अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी, उप अभियंता और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।



