
नई दिल्ली: फिटनेस और वेट लॉस के बढ़ते ट्रेंड के बीच हाई प्रोटीन डाइट काफी लोकप्रिय हो चुकी है। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर वजन कम करने के लिए अक्सर अधिक प्रोटीन लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर की जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। यदि सामान्य भोजन से ही पर्याप्त प्रोटीन मिल रहा है, तो बिना विशेषज्ञ सलाह के हाई प्रोटीन डाइट अपनाना कई शारीरिक समस्याओं को जन्म दे सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार कई लोग वजन कम करने के लिए कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बेहद कम कर देते हैं और प्रोटीन का सेवन बढ़ा देते हैं। कार्बोहाइड्रेट की कमी शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित कर सकती है। इससे मूड खराब रहना, ऊर्जा में कमी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
किडनी पर बढ़ सकता है दबाव
अत्यधिक प्रोटीन का सेवन किडनी के कामकाज पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। शरीर को अतिरिक्त प्रोटीन को प्रोसेस और बाहर निकालने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसके कारण बार-बार पेशाब आना और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
पाचन तंत्र को हो सकती है परेशानी
खासतौर पर एनिमल प्रोटीन का अधिक सेवन पाचन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इसे पचाने के लिए शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे कुछ लोगों को गैस, अपच या पेट संबंधी अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
वजन घटने की बजाय बढ़ भी सकता है
अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि ज्यादा प्रोटीन लेने से वजन तेजी से कम होगा, लेकिन यदि शारीरिक गतिविधि या व्यायाम कम हो जाए तो अतिरिक्त कैलोरी शरीर में जमा होने लगती है। इससे वजन बढ़ने का जोखिम भी बढ़ सकता है।
लिवर और हड्डियों पर भी असर संभव
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक अत्यधिक प्रोटीन सेवन करने से लिवर और किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। कुछ मामलों में शरीर के खनिज संतुलन पर भी असर देखने को मिल सकता है।
संतुलित आहार है सबसे बेहतर विकल्प
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार वजन कम करने के लिए केवल प्रोटीन पर निर्भर रहने की बजाय संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना अधिक प्रभावी और सुरक्षित तरीका है। किसी भी विशेष डाइट को शुरू करने से पहले पोषण विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर माना जाता है।



