शेयर बाजार में मचा हड़कंप: सेंसेक्स 829 अंक टूटा, निफ्टी 23,100 के नीचे फिसला; निवेशकों में बढ़ी चिंता

मुंबई: सप्ताह के पहले कारोारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक संकेतों की कमजोरी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बाजार खुलते ही दबाव में आ गया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 829 अंक लुढ़ककर 73,421 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 286 अंक टूटकर 23,080 पर कारोबार करता दिखाई दिया।
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कारोबार की शुरुआत से ही अधिकांश सेक्टरों में बिकवाली हावी रही, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ गया।
मिडिल ईस्ट तनाव बना बड़ी वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर दिखाई दे रहा है। हालिया सैन्य घटनाक्रम के बाद निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाकर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई परेशानी
कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज उछाल भी बाजार गिरावट की प्रमुख वजह मानी जा रही है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने से महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसी कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है।
एशियाई बाजारों में भी दिखी कमजोरी
भारतीय बाजार के साथ-साथ एशियाई शेयर बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई सूचकांक 3 प्रतिशत से अधिक फिसल गया, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। इससे वैश्विक निवेशकों के सतर्क रुख का संकेत मिला है।
अमेरिकी बाजारों से भी नहीं मिले सकारात्मक संकेत
इससे पहले अमेरिकी शेयर बाजार भी दबाव के साथ बंद हुए थे। निवेशकों को आशंका है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और निवेश माहौल पर पड़ सकता है।
इन शेयरों पर बनी रहेगी निवेशकों की नजर
आज के कारोबार में जी, एलेम्बिक फार्मा और हिंदुस्तान जिंक जैसे शेयर निवेशकों के रडार पर बने हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, कच्चे तेल की चाल और वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियां आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करें



