ट्रंप का बाइडन पर बड़ा हमला, बोले- 4 साल में अमेरिका को किया कमजोर; शी जिनपिंग की बात सही

नई दिल्ली : अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और उनकी नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि पिछले चार वर्षों में अमेरिका को भारी नुकसान पहुंचा। ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें अमेरिका को “ढलता हुआ देश” बताया गया था।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि शी जिनपिंग की टिप्पणी “100 प्रतिशत सही” थी और इसके लिए बाइडन प्रशासन की नीतियां जिम्मेदार थीं।
बाइडन सरकार की नीतियों पर साधा निशाना
ट्रंप ने आरोप लगाया कि जो बाइडन के कार्यकाल में अमेरिका को कई मोर्चों पर नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि खुली सीमा नीति, बढ़े हुए टैक्स, डीईआई नीतियां, महिलाओं के खेलों में पुरुष खिलाड़ियों की भागीदारी, कमजोर व्यापार समझौते और बढ़ते अपराध ने देश को कमजोर बना दिया।
उन्होंने दावा किया कि इन नीतियों की वजह से अमेरिका की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ा।
‘मेरे नेतृत्व में फिर मजबूत हुआ अमेरिका’
ट्रंप ने कहा कि दोबारा नेतृत्व संभालने के बाद अमेरिका की स्थिति तेजी से बदली है। उनके मुताबिक पिछले 16 महीनों में शेयर बाजार नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है, रोजगार के अवसर बढ़े हैं और विदेशी निवेश में भी लगातार इजाफा हुआ है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इन उपलब्धियों के लिए उन्हें बधाई दी है।
अमेरिकी सेना को बताया दुनिया की सबसे ताकतवर ताकत
अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब आर्थिक और सैन्य दोनों स्तरों पर पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुका है। उन्होंने वेनेजुएला और ईरान से जुड़े सैन्य कदमों का जिक्र करते हुए अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना बताया।
ट्रंप ने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक अमेरिका कमजोर स्थिति में पहुंच गया था, लेकिन अब देश फिर से वैश्विक ताकत के रूप में उभर रहा है।
चीन-अमेरिका रिश्तों को लेकर भी जताई उम्मीद
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में यह उम्मीद भी जताई कि आने वाले समय में अमेरिका और चीन के रिश्ते बेहतर हो सकते हैं। उन्होंने संकेत दिए कि वैश्विक स्तर पर दोनों देशों के बीच सहयोग और संवाद की संभावनाएं आगे बढ़ सकती हैं।



