ECLGS 5.0 के तहत SBI देगा 80 हजार करोड़ रुपये तक का कर्ज, MSME और एयरलाइंस सेक्टर को बड़ी राहत

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच कारोबारों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार की आपातकालीन ऋण गारंटी योजना यानी ECLGS 5.0 के तहत भारतीय स्टेट बैंक बड़े स्तर पर कर्ज उपलब्ध कराने की तैयारी में है। एसबीआई के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने बताया कि बैंक इस योजना के तहत अपने ग्राहकों को 70 हजार करोड़ से 80 हजार करोड़ रुपये तक का ऋण दे सकता है।
उन्होंने कहा कि पात्र ग्राहकों की पहचान कर ली गई है और नए दिशानिर्देशों के अनुरूप जल्द ही ऋण सुविधा शुरू की जाएगी। सरकार की इस योजना का मकसद उन कारोबारों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना है, जो वैश्विक तनाव और आर्थिक दबाव से प्रभावित हुए हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी ECLGS 5.0 को मंजूरी
केंद्र सरकार ने मंगलवार को ECLGS 5.0 को मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत कुल 2.55 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि पश्चिम एशिया संकट का असर कई उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहा है, ऐसे में अतिरिक्त वित्तीय सहायता से कारोबारों को राहत मिल सकेगी।
एयरलाइंस सेक्टर के लिए अलग से 5 हजार करोड़ रुपये
योजना के तहत एयरलाइंस सेक्टर के लिए विशेष तौर पर 5 हजार करोड़ रुपये अलग निर्धारित किए गए हैं। जबकि बाकी राशि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी MSME और अन्य पात्र उधारकर्ताओं को दी जाएगी।
एसबीआई चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट का असर सिर्फ कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके अप्रत्यक्ष प्रभाव भी कई सेक्टरों में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ECLGS 5.0 सरकार का एक सक्रिय कदम है, ताकि जरूरत पड़ने पर कंपनियों और कारोबारों को तुरंत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
8 से 10 दिनों में पूरी हो सकती है प्रक्रिया
शेट्टी के मुताबिक योजना को लागू करने से जुड़े कुछ तकनीकी और प्रशासनिक काम अगले 8 से 10 दिनों में पूरे होने की उम्मीद है। इनमें निदेशक मंडल की मंजूरी और डिजिटल प्रक्रियाओं का एकीकरण शामिल है। योजना को लागू करने के लिए ‘जन समर्थ’ पोर्टल के जरिए प्रक्रियाओं को जोड़ा जा रहा है।
1.1 करोड़ से ज्यादा लोगों को मिल सकता है फायदा
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई का अनुमान है कि बैंकिंग सिस्टम में 1.1 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी इस योजना का फायदा उठा सकते हैं। बैंक का कहना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू किए गए ECLGS के पिछले चरणों में डिफॉल्ट दर MSME सेक्टर की औसत चूक दर से कम रही थी, जिससे योजना की प्रभावशीलता साबित हुई है।
लोन अवधि बढ़ाकर 5 साल की गई
वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने बताया कि योजना का आकार बैंकों के मौजूदा ऋण जोखिम और प्रभावित क्षेत्रों की संभावित जरूरतों को ध्यान में रखकर तय किया गया है। उन्होंने कहा कि नई योजना के तहत ऋण चुकाने की अवधि 4 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है। वहीं एयरलाइंस सेक्टर के लिए यह अवधि 7 साल निर्धारित की गई है।



