संपादकीय

चाणक्य नीति : इस महान व्यक्ति की ये 10 बातें कभी न भूलें

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आपका दिन अगर कुछ अच्छे विचार और सकारात्मक सोच के साथ शुरू हो तो क्या बात है। वैसे तो जीवन के अनुभव ही आपको सही और गलत रास्ते की पहचान कराते हैं, लेकिन कुछ महापुरुष हैं जिनके शब्दों को अगर हम अपने जीवन में उतारते हैं तो हम सफलता की ओर बढ़ सकते हैं।

आज हम आपको चाणक्य की कुछ नीतियों से रू-ब-रू कराते हैं। चाणक्य के विचार युवा जीवन के लिए प्रेरणादायक हैं। चाणक्य एक बुद्धिमान व्यक्ति थे। उन्होंने अपने ज्ञान को केवल अपने तक ही सीमित नहीं रखा है, बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए लिखकर सहेजकर रखा है। चाणक्य नीति में इसी ज्ञान का समावेश है। चाणक्य ने यहां व्यवहारिक जीवन से जुड़ी कई बातें बताई हैं। हम आपको 10 ऐसी बातें बताएंगे जो आपके जीवन को आसान कर सकती है।

चाणक्य कहते हैं…

-सुनने से धर्म का ज्ञान होता हैं, द्वेष दूर होता है और ज्ञान की प्राप्ति होती है। इस तरह माया की आसक्ति भी दूर हो जाती है।

-दूसरों में दोष ढूंढने में वक्त जाया ना करें, खुद में सुधार की गुंजाईश खत्म हो जाती है।

-धनवान व्यक्ति के कई मित्र होते है। उसके कई सम्बन्धी भी होते हैं। धनवान को ही आदमी कहा जाता है और पैसे वालों को ही पंडित कहकर नवाजा जाता है।

-किसी भी व्यक्ति को बहुत ज्यादा सीधा नहीं होना चाहिए, सीधे वृक्ष और ईमानदार व्यक्ति सबसे पहले काटे जाते हैं।

-एक लालची आदमी को वस्तु भेंट कर संतुष्ट करें। एक कठोर आदमी को हाथ जोड़कर संतुष्ट करें। एक मूर्ख को सम्मान देकर संतुष्ट करें। एक विद्वान आदमी को सच बोलकर संतुष्ट करें।

-एक बेकार राज्य का राजा होने से यह बेहतर है कि व्यक्ति किसी राज्य का राजा ना हो। एक पापी का मित्र होने से बेहतर है की बिना मित्र का हो। एक मुर्ख का गुरु होने से बेहतर है कि बिना शिष्य वाला हो। एक बुरी पत्नी होने से बेहतर है कि बिना पत्नी वाला हो।

-कोई भी काम शुरू करने से पहले तीन सवाल पर ध्यान दें, मैं क्यूं ये काम करने जा रहा हूं, क्या मैं सफल रहूंगा और इसका परिणाम क्या होगा।

– शेर से सीखें, आप जीवन में जो भी करें, जिंदादिली और जोश के साथ करें।

– काम को दिल से पूरा करो, लेकिन फल की चिंता मत करो

-अपने से छोटे या उच्च स्तर के व्यक्ति को अपना दोस्त न बनाएं, वे आपके दुख का कारण बन सकते हैं, इसलिए अपने समान स्तर के किसी को दोस्त बनाएं।

– अज्ञानी के लिए किताबें और अंधे के लिए दर्पण एक जैसे हैं।

 
 
 

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