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पनामा पेपर्स में फिर खुलासा: इस बार भारत के इन धनकुबेरों के नाम आए सामने

पनामा पेपर्स फिर चर्चा में आ गए हैं. दो साल पहले पनामा के लॉ फर्म मोस्साक फॉन्सेका के कुछ लीक पेपर्स में यह बात सामने आई थी कि भारत सहित दुनिया के कई प्रमुख लोगों, कारोबारियों ने टैक्स हैवन कहे जाने वाले देशों में काला धन छुपाया है. अब फिर इस फर्म के कुछ ऐसे दस्तावेज सामने आए हैं जिनमें कई नए नाम सामने आए हैं और पुराने कारोबारियों पर टैक्स चोरी के आरोप कुछ पुख्ता हुए हैं.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, इंटरनेशनल कंसोर्श‍ियम ऑफ इन्वेस्ट‍िगेटिव जर्नलिस्ट ने 12 लाख से ज्यादा नए दस्तावेजों की जांच की है. इनमें से कम से कम 12,000 नए दस्तावेज भारतीयों से संबंधित हैं. दो साल पहले सामने आए मोस्साक फॉन्सेका के दस्तावेज में 500 भारतीयों का नाम था. पनामा पेपर्स सबसे पहले जर्मनी के अखबार स्यूज डोयचे जेइटुंग को मिले थे.

खबर के अनुसार, केंद्र सरकार ने एक मल्टी एजेंसी ग्रुप (MAG) बनाया है जो लिस्ट में शामिल 426 भारतीयों के बारे में जांच-पड़ताल कर रहा है. इस जांच के आधार पर करीब 1,000 करोड़ के काले धन का पता लगाया गया है.

क्या है नए दस्तावेजों में?

लीक हुए पनामा पेपर्स में कई नए दिग्गज भारतीय कारोबारियों के नाम सामने आए हैं. इनमें पीवीआर सिनेमा के मालिक अजय बिजली और उनके परिवार के सदस्य, हाइक मैसेन्जर के सीईओ और टेलीकॅाम दिग्गज सुनील मित्तल के बेटे कवीन मित्तल, एशियन पेंट्स के सीईओ अश्विन दानी के बेटे जलज दानी शामिल हैं.

पनामा पेपर्स के पहले लीक में कई भारतीय कारोबारियों के टैक्स हैवन देशों में कंपनी बनाकर धन छुपाने की बात सामने आई थी, जिसका ज्यादातर कारोबारियों ने खंडन किया था. लेकिन अब नए लीक हुए दस्तावेजों से पुराने लगे आरोप पुख्ता हो रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स हैवन देशों की कंपनी से ताल्लुक रखने वाले अन्य भारतीय दिग्गज इस प्रकार हैं-

शिव विक्रम खेमका-सन ग्रुप के प्रमुख नंदलाल खेमका के बेटे

अमिताभ बच्चन- सुपरस्टार एक्टर

जहांगीर सोराबजी-पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी के बेटे

केपी सिंह-डीएलएफ समूह के प्रमुख

अनुराग केजरीवाल- लोकसत्ता पार्टी के पूर्व नेता

नवीन मेहरा- मेहरासन्स ज्यूलर्स के मालिक

हाजरा इकबाल मेमन- अंडरवर्ल्ड डॉन इकबाल मिर्ची की पत्नी

दो साल पहले लीक हुए पेपर्स में अमिताभ बच्चन का नाम तीन कंपनियों लेडी शिपिंग, ट्रेजर शिपिंग और सी बल्क शिपिंग से जोड़ा गया था, लेकिन तब उन्होंने इन कंपनियों या टैक्स हैवन देश में किसी एसेट से जुड़ाव से इंकार किया था.

नए दस्तावेजों के अनुसार ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड स्थ‍ित कंपनी मार्डी ग्रैस होल्ड‍िंग्स के मालिक लोकेश शर्मा ने साल 2016 में पनामा पेपर्स लीक के बाद कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 30 गुना तक बढ़ा दी है.

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