उत्तर प्रदेशलखनऊ

‘रेपिस्ट विधायक से कोर्ट ने कहा पांच लाख पीड़िता को दो’

acr468-5667301979f6fcourtहाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सूबे के चर्चित बांदा दुराचार कांड की पीड़िता को 5 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने मामले के सजायाफ्ता बसपा नेता और पूर्व विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी को निर्देश दिया कि यह रकम ट्रायल कोर्ट में जमा करे, जो पीड़िता को दी जाएगी। इसके साथ ही अदालत ने चिकित्सकीय आधार पर पूर्व विधायक की जमानत मंजूर कर ली।

न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना ने यह आदेश पूर्व विधायक की जमानत अर्जी पर दिया। द्विवेदी को दुष्कर्म के जुर्म में सत्र अदालत ने 10 साल कठोर कारावास के साथ एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसमें से 50,000 रुपये की रकम पीड़िता को बतौर मुआवजा भी दिए जाने को कहा था।

सजायाफ्ता पूर्व विधायक ने सत्र अदालत के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर कर जमानत पर रिहा किए जाने की गुजारिश की थी। खुद की बीमारी का हवाला देकर कहा कि वह वृद्ध है। तीन साल से ज्यादा से जेल में बंद है और उसका राजनीतिक कॅरिअर चौपट हो चुका है।

उधर, जमानत का विरोध करते हुए सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक रिशाद मुर्तजा का कहना था कि अपीलकर्ता विधायक रह चुका है जिससे एक गरीब, अविवाहित और असहाय लड़की के साथ दुष्कर्म की उम्मीद नहीं की जा सकती थी, जिसका दंश उसे पूरी जिंदगी सताता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता को मंजूर किया गया मुआवजा काफी कम है।

अदालत ने अपने आदेश में कई नजीरों के हवाले से कहा कि ‘पीड़िता को अंतरिम मुआवजा दिया जा सकता है। अगर आरोपी मुआवजा अदा करने की हालत में नहीं है तो यह जिम्मेदारी राज्य सरकार पर डाली जा सकती है।’

इस अहम विधि व्यवस्था के साथ कोर्ट ने कहा कि आरोपी पूर्व विधायक रहा है और वह मुआवजा अदा कर सकता है। इसके साथ ही अदालत ने चिकित्सकीय आधार पर पूर्व विधायक को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।

 

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