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West Asia Crisis: निर्यातकों को राहत देने की तैयारी में सरकार, बीमा सहायता पर हो रहा विचार

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच भारत सरकार निर्यातकों को राहत देने के लिए कदम उठाने की तैयारी कर रही है। वाणिज्य मंत्रालय निर्यातकों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए बीमा सहायता उपलब्ध कराने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और निर्यातकों के साथ नियमित संपर्क में है।

अधिकारी के मुताबिक इस मुद्दे पर एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया गया है, जो रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि निर्यातकों को समर्थन देने और बीमा कवरेज उपलब्ध कराने के विभिन्न विकल्पों का आकलन किया जा रहा है ताकि संकट के बीच व्यापार प्रभावित न हो।

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से समुद्री व्यापार पर असर

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण समुद्री मार्गों में बाधा की स्थिति बन गई है। खासकर होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से आयात-निर्यात गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। इस स्थिति को देखते हुए सीमा शुल्क विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि अगर निर्यात से भरे जहाज भारतीय बंदरगाहों पर वापस लौटते हैं तो उनसे जुड़ी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित तरीके से संभाला जा सके।

संघर्ष के कारण तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से समुद्री मालभाड़ा, हवाई परिवहन लागत और बीमा प्रीमियम में भी तेजी देखी जा रही है। पश्चिम एशिया भारत के लिए एक बड़ा निर्यात बाजार है और इस क्षेत्र में भारत का कुल निर्यात लगभग 58.8 अरब डॉलर का है।

भारत के व्यापार पर पड़ सकता है असर

अधिकारियों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में हालात लंबे समय तक तनावपूर्ण रहते हैं तो इसका असर भारत के व्यापार पर पड़ सकता है। इस क्षेत्र में माल निर्यात की रफ्तार धीमी होने की आशंका भी जताई जा रही है।

स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने उद्योग जगत से लगातार फीडबैक लेने हेतु एक संयुक्त निगरानी समूह बनाया है। यह समूह बंदरगाहों, वेयरहाउसिंग और बंदरगाह शुल्क से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर भी काम कर रहा है। साथ ही पश्चिम एशियाई देशों के साथ भी संपर्क बनाए रखा जा रहा है।

40 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर भारत रवाना हुआ टैंकर

इसी बीच एक राहतभरी खबर भी सामने आई है। शुक्रवार को भारतीय टैंकर ‘शिवालिक’ 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत के लिए रवाना हो गया है। यह टैंकर अगले कुछ दिनों में भारत पहुंचने की संभावना है।

इसके अलावा एक और एलपीजी टैंकर को भी भारत के लिए रवाना होने की अनुमति मिल गई है, जिससे जल्द ही दो जहाज भारत पहुंचेंगे। अधिकारियों के मुताबिक ईरान के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री के बीच हुई बातचीत सकारात्मक रही है, जिसका असर अब जमीन पर दिखने लगा है।

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