देहरादून से बड़ी खबर सामने आई है, जहां राज्य सरकार ने पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के तहत अब इन वर्गों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे उन्हें अपने व्यवसाय शुरू करने में मदद मिल सके।
स्वरोजगार योजना में 10% आरक्षण का प्रावधान
सरकार ने योजना के अंतर्गत पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत कोटा आरक्षित करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य इस वर्ग को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
बैंक ऋण पर अतिरिक्त 5% सब्सिडी
योजना के तहत स्वरोजगार के लिए मिलने वाले बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त उपादान देने का भी फैसला लिया गया है। खास बात यह है कि यदि पति और पत्नी दोनों ही पूर्व सैनिक या अग्निवीर हैं, तो दोनों को अलग-अलग इस अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
कैबिनेट बैठक में ‘वीर उद्यमी योजना’ को मंजूरी
बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में ‘वीर उद्यमी योजना’ को औपचारिक मंजूरी दी गई। इसे मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के तहत लागू किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों को उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के लिए अलग ऋण सीमा
योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में व्यवसाय शुरू करने वालों को अधिकतम 25 लाख रुपये तक का बैंक ऋण मिलेगा, जबकि सेवा और व्यापार क्षेत्र के लिए यह सीमा 10 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है।
भौगोलिक आधार पर तय होगी सब्सिडी
सरकार ने सब्सिडी को भौगोलिक स्थिति के आधार पर चार श्रेणियों—ए, बी, सी और डी—में विभाजित किया है। पर्वतीय क्षेत्रों (ए और बी श्रेणी) में अधिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। यहां 2 लाख रुपये तक की परियोजना पर 30 प्रतिशत, 2 से 10 लाख तक 25 प्रतिशत और 10 से 25 लाख तक 20 प्रतिशत उपादान मिलेगा।
वहीं मैदानी क्षेत्रों (सी और डी श्रेणी) में यह सब्सिडी क्रमशः 25 प्रतिशत, 20 प्रतिशत और 15 प्रतिशत निर्धारित की गई है।




