
ग्रीन मोबिलिटी में वैश्विक नेतृत्व की ओर यूपी: दिल्ली कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश के विजन ने खींचा देश-दुनिया का ध्यान
नई दिल्ली में आयोजित ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव’ में उत्तर प्रदेश ने अपने आधुनिक, तकनीक-आधारित और हरित परिवहन मॉडल के जरिए देशभर के नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इस मंच पर राज्य के सतत मोबिलिटी विजन को विस्तार से प्रस्तुत किया गया, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि उत्तर प्रदेश भविष्य में ग्रीन मोबिलिटी का वैश्विक केंद्र बनने की क्षमता रखता है।
‘विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ की दिशा में मजबूत कदम
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (STC) के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश के सतत परिवहन मॉडल को पेश करते हुए कहा कि हरित परिवहन और कुशल लॉजिस्टिक्स व्यवस्था ‘विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ और ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने की प्रमुख आधारशिला बनेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस दिशा में लगातार रणनीतिक और तकनीकी सुधारों पर काम कर रही है।
स्वच्छ ऊर्जा और स्मार्ट मोबिलिटी पर विशेष फोकस
इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय कॉन्क्लेव का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किया। उत्तर प्रदेश की ओर से प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा, तकनीक और नवाचार को प्राथमिकता दी है, जिससे एक आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली विकसित हो रही है।
एक्सप्रेस-वे नेटवर्क बना विकास की रीढ़
प्रस्तुति में यह भी बताया गया कि उत्तर प्रदेश देश में एक्सप्रेस-वे विकास का प्रमुख केंद्र बन चुका है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और आगरा-लखनऊ जैसे एक्सप्रेस-वे न केवल यात्रा समय को कम कर रहे हैं, बल्कि ईंधन की बचत और लॉजिस्टिक्स दक्षता को भी बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही राज्य में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए तेजी से चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है।
बायोफ्यूल और नई तकनीकों पर तेजी से काम
उत्तर प्रदेश सरकार एथेनॉल, बायोगैस, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और कृषि अपशिष्ट आधारित ऊर्जा स्रोतों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। साथ ही, भविष्य की परिवहन प्रणाली को और स्मार्ट बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टोलिंग और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसी तकनीकों को भी तेजी से अपनाया जा रहा है।
मजबूत लॉजिस्टिक्स से निवेश को मिलेगा बढ़ावा
कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने माना कि उत्तर प्रदेश का तेजी से विकसित हो रहा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क निवेश के लिए मजबूत और भरोसेमंद माहौल तैयार कर रहा है। राज्य का यह सतत इंफ्रास्ट्रक्चर विकास न केवल नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाएगा, बल्कि इसे औद्योगिक निवेश का बड़ा केंद्र बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
वैश्विक स्तर पर यूपी की नई पहचान
कार्यक्रम में यह भी माना गया कि हरित परिवहन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, वह इसे आने वाले वर्षों में ग्रीन मोबिलिटी का एक प्रमुख वैश्विक हब बना सकता है।



