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केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में घमासान, पोस्टरवार से बढ़ी हलचल; तीन बड़े नेताओं के नाम सबसे आगे

देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के बाद अब केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी और तमिलनाडु में विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद अब सबकी नजर केरल पर टिक गई है, जहां कांग्रेस नीत यूडीएफ गठबंधन को प्रचंड जीत मिली है। हालांकि जीत के बाद भी कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं कर पाई है।

राज्य में कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। हालात ऐसे हैं कि केरल की सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक पोस्टरवार शुरू हो चुका है। अलग-अलग नेताओं के समर्थक अपने पसंदीदा चेहरे को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं, जिससे पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ गई है।

सीएम पद की रेस में कौन-कौन?

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तीन बड़े नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। इनमें विपक्ष के नेता वीडी सतीशन, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रमेश चेन्निथला शामिल हैं।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने संकेत दिए हैं कि मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला लगभग हो चुका है और अब सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है। हालांकि अब तक किसी एक नाम पर सर्वसम्मति नहीं बन सकी है।

पोस्टरवार से बढ़ी कांग्रेस की टेंशन

केरल और दिल्ली में समर्थकों ने अपने-अपने नेताओं के समर्थन में पोस्टर और बैनर लगाने शुरू कर दिए हैं। इससे पार्टी के अंदर गुटबाजी खुलकर सामने आने लगी है। बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम से राहुल गांधी भी नाराज हैं।

सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने साफ संदेश दिया है कि जनता ने कांग्रेस को भारी जनादेश दिया है और पार्टी को अब आंतरिक खींचतान छोड़कर राज्य के हित में काम करना चाहिए। उन्होंने नेताओं को गुटबाजी से बचने की सलाह भी दी है।

दिल्ली में हुई हाई लेवल बैठक

मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन के लिए कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर अहम बैठक हुई। इस बैठक में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल, वीडी सतीशन, रमेश चेन्निथला, प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ, अजय माकन, मुकुल वासनिक और दीपा दासमुंशी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

बैठक के बाद रमेश चेन्निथला ने कहा कि सभी नेताओं ने अपने विचार रखे हैं और अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी निर्णय होगा, वह सभी को स्वीकार्य होगा।

वहीं दीपा दासमुंशी ने कहा कि सभी विधायकों ने एक लाइन के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर आलाकमान को मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार दे दिया है और जल्द ही फैसला सामने आएगा।

सतीशन और वेणुगोपाल के समर्थन में माहौल

वीडी सतीशन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि किसी भी नेता के समर्थन में प्रदर्शन या अभियान न चलाया जाए। उन्होंने कहा कि इससे उन लोगों की भावनाएं आहत होंगी जिन्होंने कांग्रेस को भारी जनादेश दिया है।

केसी वेणुगोपाल ने भी कहा कि जनता एक ऐसी सरकार चाहती है जो सिर्फ काम करे, आंतरिक राजनीति में न उलझे।

सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस के कई विधायक केसी वेणुगोपाल के पक्ष में हैं, जबकि जनता के बीच वीडी सतीशन की लोकप्रियता ज्यादा मानी जा रही है। दूसरी ओर रमेश चेन्निथला का अनुभव और वरिष्ठता भी उन्हें मजबूत दावेदार बनाता है।

102 सीट जीतकर सत्ता में लौटा यूडीएफ

गौरतलब है कि 140 सदस्यीय केरल विधानसभा में यूडीएफ गठबंधन ने 102 सीटों पर जीत दर्ज कर बड़ी वापसी की है। कांग्रेस ने अकेले 63 सीटें जीती हैं, जिसके बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर मंथन लगातार जारी है।

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