उत्तर प्रदेशराज्य

लखनऊ में पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा, आम जनता पर बढ़ा बोझ; पेट्रोल ₹3.14 और डीजल ₹3.11 प्रति लीटर बढ़ा

लखनऊ: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल का असर अब सीधे आम जनता की जेब पर दिखाई देने लगा है। शुक्रवार सुबह से लखनऊ समेत देश के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे परिवहन और रोजमर्रा की लागत पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।

लखनऊ में पेट्रोल के दाम में ₹3.14 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद इसकी कीमत बढ़कर करीब ₹97.77 प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं डीजल भी ₹3.11 प्रति लीटर महंगा होकर लगभग ₹90.67 प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।

सुबह 6 बजे से लागू हुई नई कीमतें

जानकारी के मुताबिक यह बढ़ोतरी शुक्रवार सुबह 6 बजे से लागू कर दी गई। तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल पंप संचालकों को देर रात ई-मेल के जरिए नई दरों की सूचना भेजी गई थी। इसके बाद सुबह से ही नई कीमतें लागू कर दी गईं।

पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रुपये की कमजोरी इस बढ़ोतरी की प्रमुख वजह है।

आम जनता और कारोबारियों पर असर

ईंधन के दाम बढ़ने से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट सेक्टर और छोटे व्यापारियों पर भी सीधा असर पड़ने की आशंका है। परिवहन लागत बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।

सरकार का दावा- पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

इस बीच सरकार की ओर से कहा गया है कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी भी तरह की आपूर्ति समस्या नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी की स्थिति के चलते यह बढ़ोतरी की गई है। दावा है कि तेल कंपनियों को रोजाना भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा था, जिसे संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

बढ़ती कीमतों से बढ़ी चिंता

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इस बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे उपभोक्ताओं के लिए यह नया झटका माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले दिनों में बाजार और परिवहन दोनों पर देखने को मिल सकता है।

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