उत्तराखंड

केदारनाथ मार्ग पर भारी भूस्खलन से मचा हड़कंप, अंधेरे और बारिश के बीच SDRF-NDRF का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन; 10,450 श्रद्धालु सुरक्षित निकाले गए

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बुधवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच मुनकटिया क्षेत्र में अचानक हुए भारी भूस्खलन ने यात्रा मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया, जिससे हजारों श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए। खराब मौसम, घना अंधेरा और पहाड़ियों से लगातार गिरते पत्थरों के बीच राहत और बचाव दलों ने पूरी रात अभियान चलाकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला।

जानकारी के मुताबिक, 19 मई 2026 की रात करीब 9 बजकर 16 मिनट पर रुद्रप्रयाग डिजास्टर कंट्रोल रूम को मुनकटिया क्षेत्र में भारी लैंडस्लाइड की सूचना मिली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF और NDRF की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं और जरूरी उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं।

रात के समय संकरे पहाड़ी रास्तों, लगातार हो रही बारिश और ऊपर से गिर रहे पत्थरों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया था। बावजूद इसके, बचाव टीमों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू किया।

कई घंटों तक चले संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान लगभग 10,450 श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से मार्ग पार कराया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई।

प्रशासन के अनुसार, इस यात्रा सीजन में अब तक 6.5 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं और आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन लगातार यात्रा मार्गों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटा हुआ है।

मौसम विभाग की ओर से भी पर्वतीय क्षेत्रों में खराब मौसम और भूस्खलन की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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