दुबई से दुनिया को मध्यप्रदेश का बड़ा संदेश, CM मोहन यादव बोले- निवेश कीजिए, हम साझेदारी निभाएंगे

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 के उद्घाटन सत्र में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन किया और “Invest in Madhya Pradesh, India” निवेश सत्र में राज्य की निवेश क्षमता और संभावनाओं को सामने रखा। मुख्यमंत्री ने यूएई और रूस के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ-साथ प्रमुख उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों से कई महत्वपूर्ण वन-टू-वन और शासन स्तर की बैठकें भी कीं।
दिन की शुरुआत ताज दुबई, बिजनेस बे में मीडिया संवाद से हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने निवेशकों, उद्योग जगत और वैश्विक साझेदारों के बीच मध्यप्रदेश की बढ़ती आर्थिक ताकत, औद्योगिक प्रगति और आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 की तैयारियों को लेकर चर्चा की।
मध्यप्रदेश पवेलियन में दिखी निवेश की संभावनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस के प्रदर्शनी क्षेत्र में बनाए गए मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन किया। इसे राज्य के प्रमुख निवेश और व्यापार प्रदर्शन मंच के तौर पर विकसित किया गया है। यहां वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, विशाल लैंड बैंक, विकसित औद्योगिक तंत्र, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और निवेशक-अनुकूल नीतियों की जानकारी दी गई।
पवेलियन में विनिर्माण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और उभरते उद्योगों में निवेश के अवसरों को भी प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा चंदेरी, महेश्वरी, जरी-जरदोजी, बेल मेटल और ग्वालियर कारपेट जैसे जीआई टैग और ओडीओपी उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए।
रास अलखैमाह के शासक से मुख्यमंत्री की मुलाकात
एआईएम कांग्रेस के उद्घाटन समारोह से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई सुप्रीम काउंसिल के सदस्य और रास अलखैमाह के शासक हिजहाइनेस शेख सऊद बिन सकर अलकासिमी से शिष्टाचार भेंट की। बैठक में सिरेमिक और निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज, पर्यटन एवं आतिथ्य, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स तथा नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। दोनों पक्षों ने निवेश बढ़ाने और बाजार तक पहुंच के लिए संस्थागत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
रूस के तातारस्तान के प्रमुख से भी हुई अहम वार्ता
दोपहर में मुख्यमंत्री ने रूस के तातारस्तान गणराज्य के प्रमुख एच.ई. रुस्तम मिन्निखानोव के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें तातारस्तान और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार एवं निवेश सहयोग को मजबूत करने तथा अलग-अलग क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाएं तलाशने पर चर्चा हुई।
बैठक में उन्नत विनिर्माण, पेट्रोकेमिकल्स, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित उद्योगों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया। इसके अलावा “टाइम: रूस-भारत” फोरम में मध्यप्रदेश की भागीदारी, दोनों पक्षों के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान, संभावित संयुक्त परियोजनाओं और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में तातारस्तान की भागीदारी को लेकर भी चर्चा हुई।
‘Invest in Madhya Pradesh, India’ सत्र में गिनाईं खूबियां
दोपहर बाद आयोजित “Invest in Madhya Pradesh, India” निवेश सत्र एआईएम कांग्रेस के प्रमुख आकर्षणों में रहा। सत्र में दुबई के महावाणिज्यदूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने स्वागत संबोधन दिया। मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने राज्य की निवेश संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को लेकर विशेष फिल्म भी दिखाई गई। यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अलजैयूदी मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।
CM मोहन यादव बोले- मध्यप्रदेश विश्वसनीय निवेश साझेदारी का केंद्र
निवेश सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सिर्फ अवसरों वाला प्रदेश नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक, स्थिर और विश्वसनीय निवेश साझेदारी का केंद्र है। उन्होंने कहा कि नीति, नीयत और नेतृत्व ने मध्यप्रदेश को निवेशकों के पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत के भौगोलिक केंद्र में स्थित है और यहां से देश के किसी भी हिस्से तक 24 से 36 घंटे के भीतर परिवहन संभव है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर, विकसित सड़क एवं रेल नेटवर्क और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं प्रदेश को विनिर्माण और वितरण का स्वाभाविक केंद्र बनाती हैं।
उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स, दूरसंचार उपकरण निर्माण, ऑप्टिकल फाइबर, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश तेजी से मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को अगले वर्ष भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
यूएई के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री से निवेश पर चर्चा
निवेश सत्र के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूएई के कैबिनेट सदस्य एवं अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री एच.ई. अब्दुल्ला बिन तौक अलमर्री से मुलाकात की। बैठक में नागरिक उड्डयन, विशेष आर्थिक क्षेत्र, भविष्य-केंद्रित संस्थानों, औद्योगिक पार्कों और निवेश सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही दुबई फ्यूचर फाउंडेशन जैसे संस्थानों की अवधारणा पर सहयोग की संभावनाओं को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।
थानी बिन अहमद अलजैयूदी से वन-टू-वन बैठक
शाम को मुख्यमंत्री ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री और एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अलजैयूदी के साथ विशेष वन-टू-वन बैठक की। इसमें मध्यप्रदेश को यूएई के निवेशकों के लिए मध्य भारत का पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्यपालन एवं एक्वाकल्चर, कोल्ड चेन, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट विनिर्माण और निर्यात मंच जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने चुनिंदा निवेश परियोजनाओं के लिए संयुक्त कार्य प्रणाली विकसित करने और भविष्य में मध्यप्रदेश-यूएई निवेश राउंडटेबल आयोजित करने पर सहमति जताई।
लूलू ग्रुप के चेयरमैन युसूफ अली से अहम बातचीत
दिन के अंतिम प्रमुख कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लूलू ग्रुप इंटरनेशनल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक युसूफ अली एम.ए. के साथ विस्तृत वन-टू-वन बैठक की। लूलू ग्रुप मध्य पूर्व का प्रमुख रिटेल, हाइपरमार्केट, खाद्य वितरण, कृषि निर्यात, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग समूह है। इसकी वैश्विक मौजूदगी 250 से अधिक स्टोर्स और 65,000 से अधिक कर्मचारियों तक फैली हुई है।
बैठक में मध्यप्रदेश से प्याज, गेहूं और सब्जियों समेत कृषि उत्पादों की सीधी खरीद बढ़ाने के साथ खाद्य प्रसंस्करण, आपूर्ति श्रृंखला, वेयरहाउसिंग, कृषि निर्यात और रिटेल नेटवर्क विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की कृषि क्षमता, खाद्य प्रसंस्करण ढांचे और निर्यात केंद्रित नीतियों की जानकारी देते हुए लूलू ग्रुप को राज्य में निवेश बढ़ाने का निमंत्रण दिया।
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी किया संवाद
दिन का समापन दुबई स्थित भारतीय महावाणिज्यदूत की ओर से आयोजित विशेष रात्रिभोज के साथ हुआ। इसमें इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल के अध्यक्ष सिद्धार्थ बालचंद्रन, यूएई-इंडिया बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष नीलेश वेद, ट्रांसवर्ल्ड ग्रुप के अध्यक्ष रमेश एस. रामकृष्णन, डीपी वर्ल्ड के समूह मुख्य वित्तीय अधिकारी युवराज नारायण, लूलू ग्रुप के समूह निदेशक सलीम एम.ए. समेत खाद्य, लॉजिस्टिक्स, विमानन, वस्त्र, औद्योगिक विनिर्माण और व्यापार संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न उद्योग प्रतिनिधियों के साथ अनौपचारिक संवाद किया और उन्हें मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया।



