
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर दो खेमों के बीच जारी टकराव अब नंदीग्राम उपचुनाव तक पहुंच गया है। पार्टी के बागी गुट ने बुधवार को टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। गुट ने साफ किया कि अगर ममता बनर्जी इस सीट से मैदान में उतरती हैं तो उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा जाएगा।
बागी टीएमसी के प्रवक्ता रिजु दत्ता ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के बाहर कहा कि उनका गुट चाहता है कि ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव लड़ें, जीत हासिल करें और दोबारा विधानसभा में लौटें। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में बागी खेमे की ओर से ममता के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा जाएगा।
भाजपा विरोधी वोटों के बंटवारे का दिया तर्क
बागी विधायक मदन मित्रा ने ममता बनर्जी के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारने के फैसले को भाजपा विरोधी वोटों के विभाजन से जोड़कर बताया। उन्होंने कहा कि अगर उनका गुट भाजपा की ‘बी टीम’ के रूप में काम कर रहा होता तो विपक्षी वोटों को बांटने के लिए दो नहीं, बल्कि तीन-चार उम्मीदवार मैदान में उतारे जा सकते थे।
मदन मित्रा ने दावा किया कि नंदीग्राम में ममता बनर्जी को वॉकओवर देने का फैसला यह संदेश देगा कि उनका गुट भाजपा के इशारे पर काम नहीं कर रहा है।
2021 में शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ हारी थीं ममता
नंदीग्राम ममता बनर्जी के राजनीतिक सफर की महत्वपूर्ण सीट रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने तत्कालीन करीबी सहयोगी और भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था। हालांकि, इस चुनाव में ममता को हार का सामना करना पड़ा था।
2026 के विधानसभा चुनाव में भी शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर जीत दर्ज की। इसके अलावा उन्होंने ममता बनर्जी के गृह क्षेत्र भवानीपुर में भी उन्हें शिकस्त दी। चुनाव के बाद शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम विधानसभा सीट खाली कर दी। इसी वजह से अब नंदीग्राम में उपचुनाव कराया जा रहा है।
टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर भी विवाद
बागी गुट का यह ऐलान ऐसे वक्त हुआ है, जब तृणमूल कांग्रेस के दोनों धड़ों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अधिकार को लेकर विवाद जारी है। चुनाव आयोग ने अभी यह तय नहीं किया है कि टीएमसी के आधिकारिक नाम और चुनाव चिन्ह पर किस गुट का अधिकार होगा।
रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला बागी गुट पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अपना दावा कर रहा है। गुट का कहना है कि अगर चुनाव आयोग नामांकन की अंतिम तारीख से पहले उसके पक्ष में फैसला नहीं करता है तो वह निर्दलीय उम्मीदवारों के तौर पर चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहा है।
6 अक्टूबर को नंदीग्राम में होगा उपचुनाव
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव कराया जाएगा। इसके लिए बुधवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। उम्मीदवार 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 19 सितंबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। दोनों सीटों के नतीजे 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद सामने आएंगे।



