SIR में बड़े नामों पर भी अटका रिकॉर्ड, नीलेकणी-कामत ब्रदर्स समेत कई हस्तियों को नोटिस; अधिकारियों ने कहा- होगी जांच

बेंगलुरु: देश के कई राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया जारी है। कर्नाटक में भी इस अभियान के दौरान कई चर्चित हस्तियों के नाम पुराने चुनावी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाने के कारण चिह्नित किए गए हैं। इनमें इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी, अभिनेता शिवराजकुमार और जेरोधा के संस्थापक नितिन कामत व निखिल कामत के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इन मामलों को लेकर अधिकारियों ने भी हैरानी जताई है और जांच की बात कही है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब भारत रत्न प्रोफेसर सीएनआर राव का नाम भी SIR प्रक्रिया में चिह्नित किए जाने की चर्चा ने जोर पकड़ा है। हालांकि, चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राव को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है।
कामत ब्रदर्स के रिकॉर्ड में क्या गड़बड़ी मिली?
एक रिपोर्ट में एक्स यूजर अनिवाश के हवाले से बताया गया है कि नितिन और निखिल कामत तथा उनके माता-पिता के नाम पुराने रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे हैं। इसी वजह से उनके नाम चिह्नित किए गए हैं।
वहीं, नंदन नीलेकणी को ‘अनमैप्ड’ श्रेणी में रखा गया है। नीलेकणी की पहचान भारत में आधार व्यवस्था की शुरुआत में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के लिए भी रही है। मामले को लेकर बेंगलुरु जिला निर्वाचन अधिकारी और जीबीए मुख्य आयुक्त माहेश्वर राव से सवाल किया गया। उन्होंने इसे हैरान करने वाला बताया और कहा कि मामले की जांच की जाएगी।
नीलेकणी को पीएम मोदी ने सौंपी है बड़ी जिम्मेदारी
जुलाई में छात्र आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया था। इसकी जिम्मेदारी नंदन नीलेकणी को दी गई थी। इस समिति का उद्देश्य राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की ओर से आयोजित होने वाली परीक्षाओं में सुधार करना था।
इस टास्क फोर्स में पूर्व इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका समेत कई प्रमुख लोग शामिल थे।
शिवराजकुमार का नाम भी पुराने रिकॉर्ड से नहीं मिला
अन्य मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कई और चर्चित हस्तियों के मौजूदा चुनावी रिकॉर्ड 2002 की पुरानी डेटाबेस सूची से सीधे मेल नहीं खा रहे हैं। अभिनेता शिवराजकुमार का नाम भी ‘अनमैप्ड’ श्रेणी में रखा गया है। इसका अर्थ है कि उनके पते से जुड़ी जानकारी पुराने रिकॉर्ड से स्पष्ट रूप से नहीं मिल सकी है।
शिवराजकुमार के मामले में उनके पिता का नाम दिवंगत मुथुराज दर्ज है। मुथुराज ही महान अभिनेता डॉ. राजकुमार का वास्तविक नाम था।
वहीं, अभिनेता प्रकाश राज के नाम को मतदाता सूची से हटाए जाने की चर्चाओं को अधिकारियों ने खारिज कर दिया है। अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, उनका नाम शांतिनगर निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में मौजूद है।
क्या इन हस्तियों के नाम मतदाता सूची से हटेंगे?
चुनाव अधिकारियों ने साफ किया है कि जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड चिह्नित किए गए हैं, उन्हें अयोग्य घोषित नहीं किया गया है और न ही उनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। समस्या मुख्य रूप से 2002 के पुराने रिकॉर्ड और मौजूदा पहचान से जुड़ी जानकारी में अंतर के कारण सामने आई है। इसमें नाम, माता-पिता के नाम या उनकी वर्तनी में अंतर जैसी वजहें शामिल हैं।
4 सितंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक, ऐसे मतदाताओं के लिए 43.81 लाख से अधिक नोटिस तैयार किए गए हैं। इनमें से 7.31 लाख से ज्यादा नोटिस अब तक दिए जा चुके हैं।
भारत रत्न सीएनआर राव को नोटिस देने की बात गलत
बेंगलुरु के चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भारत रत्न प्रोफेसर सीएनआर राव को कोई नोटिस नहीं दिया गया है। दरअसल, 2002 की मल्लेश्वरम विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में उनका नाम केवल ‘रामा’ के रूप में दर्ज था, जबकि मौजूदा रिकॉर्ड में उनका नाम ‘प्रो सीएन राव एम’ दर्ज है।
अधिकारियों के मुताबिक, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने खुद उनके घर जाकर आवश्यक विवरण जुटाया है। इसके बाद उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।



