BRICS Summit 2026: पुतिन की सुरक्षा के लिए दिल्ली में अभेद्य किला, ‘रोलिंग बंकर’ से ‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ तक खास इंतजाम

नई दिल्ली: भारत की अध्यक्षता में इस सप्ताहांत होने वाली ब्रिक्स शिखर बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई देशों के शीर्ष नेता राजधानी पहुंचेंगे। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के आगमन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 के जी-20 सम्मेलन के बाद राजधानी में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर सुरक्षा तैयारियां की जा रही हैं।
विदेशी नेताओं के साथ उनकी विशेष सुरक्षा व्यवस्थाएं और अत्याधुनिक उपकरण भी दिल्ली पहुंचेंगे। इनमें विशेष विमान, बख्तरबंद वाहन, निजी खाद्य सुरक्षा इंतजाम और अन्य सुरक्षा उपकरण शामिल बताए जा रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा के लिए रूस की फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस और भारतीय सुरक्षा एजेंसियां मिलकर सुरक्षा घेरा तैयार कर रही हैं।
छतों से लेकर आसमान तक निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था के तहत ऊंची इमारतों की छतों पर स्नाइपर तैनात किए जाने की तैयारी है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ स्थानों पर एआई-आधारित स्नाइपर सिस्टम और जेस्चर-रिकग्निशन कैमरों से निगरानी की जाएगी। इन कैमरों के जरिए लोगों की गतिविधियों में असामान्य बदलाव का पता लगाने में मदद मिलेगी।
आपात स्थिति से निपटने के लिए कमांडो को हेलीकॉप्टर से रस्सियों के जरिए उतारने की व्यवस्था भी तैयार रखी जाएगी। वहीं, सड़कों पर चौबीसों घंटे एंटी-ग्राफिटी टीमें निगरानी करती रहेंगी।
सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन और बिना पायलट वाले हवाई वाहनों को भी संभावित खतरे के तौर पर चिह्नित किया है। इसके लिए कई स्थानों पर ड्रोन के सिग्नल को जाम करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें निष्क्रिय करने वाले सिस्टम लगाए जाने की बात सामने आई है।
विरोध-प्रदर्शन की आशंका पर भी नजर
रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि कुछ विदेशी नेताओं को निशाना बनाकर आयोजन स्थलों के आसपास अचानक विरोध-प्रदर्शन किए जा सकते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर भड़काऊ संदेश स्प्रे-पेंट किए जाने की आशंका को देखते हुए एंटी-ग्राफिटी टीमें भी लगातार निगरानी करेंगी।
महत्वपूर्ण मेहमानों, उनके होटलों और काफिलों के लिए अलग-अलग कोड नेम और कॉल साइन तय किए गए हैं। इससे सुरक्षा और आवाजाही के दौरान सूचनाओं के आदान-प्रदान को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।
पुतिन के लिए खास ‘रोलिंग बंकर’
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दिल्ली में जमीनी आवाजाही के लिए रूस से उनकी विशेष ऑरस सेनेट बख्तरबंद कार लाई गई है। सुरक्षा कारणों से इस वाहन को ‘रोलिंग बंकर’ के नाम से भी जाना जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह वाहन स्नाइपर फायर, बारूदी सुरंग और रासायनिक हमले जैसे खतरों से सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें रन-फ्लैट टायर और आपातकालीन ऑक्सीजन सिस्टम जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं।
‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ से दिल्ली तक सफर
पुतिन के हवाई सफर के लिए विशेष रूप से तैयार Ilyushin IL-96-300PU विमान का इस्तेमाल किया जाता है। इसे अक्सर ‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ कहा जाता है। विमान में सुरक्षित कमांड सिस्टम और मिसाइल डिफेंस से जुड़े सुरक्षा उपाय मौजूद होने की जानकारी दी जाती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, विमान की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए जरूरत पड़ने पर डिकॉय विमानों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
खाने से जैविक कचरे तक हर चीज पर नजर
रूसी प्रतिनिधिमंडल अपनी सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है। पुतिन के साथ निजी शेफ और खाद्य पदार्थों की जांच के लिए पोर्टेबल टेस्टिंग लैब जैसी व्यवस्थाएं किए जाने की बात कही गई है।
सुरक्षा इंतजामों में जैविक कचरे को सुरक्षित तरीके से एकत्र करने और उसके निस्तारण तक की व्यवस्था भी शामिल बताई जा रही है। कुछ होटलों में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए डमी डिग्निटरीज यानी नेताओं के हमशक्ल या प्रतिनिधियों की तैनाती की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है।
होटलों के लिए अलग-अलग सुरक्षा जोन
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के ठहरने के लिए दिल्ली के मध्य क्षेत्र, एयरोसिटी और गुरुग्राम के चुनिंदा होटलों को अलग-अलग सुरक्षा जोन में बांटा गया है। प्रत्येक होटल की सुरक्षा के लिए डीसीपी स्तर के अधिकारी को वेन्यू कमांडर बनाया गया है, जबकि बड़े क्षेत्रों की निगरानी स्पेशल कमिश्नर स्तर के अधिकारी करेंगे।
हर होटल में दो कमरों को ऑपरेशनल कमांड पोस्ट में बदलने की तैयारी है। इनमें से एक दिल्ली पुलिस के केंद्रीय C4i कमांड सिस्टम से जुड़ा रहेगा, जबकि दूसरे का इस्तेमाल आपात स्थिति में बैकअप कंट्रोल रूम के रूप में किया जाएगा।
ब्रिक्स सम्मेलन में दुनिया के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली में जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की अपनी सुरक्षा व्यवस्थाओं के साथ भारतीय एजेंसियों की बहुस्तरीय सुरक्षा किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार रहेगी।



