
नई दिल्ली: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक बदलाव होते हैं। इस दौरान खुद के साथ गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत का भी विशेष ध्यान रखना पड़ता है। गर्भावस्था में खाने की इच्छा बार-बार हो सकती है और इस दौरान अस्वास्थ्यकर भोजन करने से परेशानी बढ़ सकती है। वहीं, मतली और उल्टी भी इस अवस्था में आम समस्या मानी जाती है। इससे राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय आजमाए जाते हैं।
संतरे से मिल सकती है राहत
संतरे में साइट्रिक एसिड पाया जाता है। इसकी खुशबू कुछ महिलाओं को मतली की परेशानी में राहत देने में मदद कर सकती है। उल्टी जैसा महसूस होने पर संतरे का रस पीने या संतरे की खुशबू सूंघने का उपाय आजमाया जा सकता है।
अदरक की चाय हो सकती है मददगार
गर्भावस्था के दौरान मतली और उल्टी की समस्या में अदरक का इस्तेमाल भी किया जाता है। इसके लिए एक कप गर्म पानी में करीब एक से दो इंच अदरक डालकर लगभग 10 मिनट तक उबालें। इसके बाद गैस बंद कर पानी को थोड़ा ठंडा होने दें और छान लें। इसमें शहद मिलाकर पिया जा सकता है।
बताए गए उपाय के अनुसार दिन में दो से तीन बार अदरक की यह चाय ली जा सकती है। हालांकि, गर्भावस्था में किसी भी घरेलू नुस्खे का नियमित इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना बेहतर होता है।
नींबू से मतली कम करने की कोशिश
मतली महसूस होने पर नींबू का इस्तेमाल भी घरेलू उपाय के तौर पर किया जाता है। इसके लिए एक कटोरी में थोड़ा जीरा, सेंधा नमक और नींबू का रस मिलाकर रखा जा सकता है। उल्टी जैसा महसूस होने पर इसकी थोड़ी मात्रा लेने की सलाह दी जाती है।
इसके अलावा नींबू पानी में शहद मिलाकर पीने का भी उपाय बताया जाता है। गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना भी जरूरी है, खासकर अगर उल्टी की वजह से शरीर में पानी की कमी हो रही हो।
पुदीना भी दे सकता है आराम
पुदीना पेट से जुड़ी परेशानी में इस्तेमाल किया जाता है और गर्भावस्था के दौरान मतली कम करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। सूखे पुदीने के पत्तों को पानी में उबालकर उसमें शहद मिलाकर चाय तैयार की जा सकती है।
इसके अलावा पुदीने की खुशबू या पेपरमिंट की खुशबू सूंघने से भी कुछ महिलाओं को उल्टी की इच्छा कम महसूस हो सकती है। पुदीने के पत्ते चबाने या पेपरमिंट कैंडी लेने का विकल्प भी बताया जाता है।
अगर गर्भावस्था के दौरान उल्टी बहुत ज्यादा हो, खाना-पानी शरीर में न टिके, लगातार कमजोरी महसूस हो या पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें, तो घरेलू उपायों के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।



