उत्तराखंड

उत्तराखंड के हर विकासखंड में बनेगा एक आदर्श कृषि और उद्यान गांव, तीन वर्षीय कार्ययोजना बनाने के निर्देश, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

देहरादून: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की बड़ी पहल की गई है। राज्य के प्रत्येक विकासखंड में एक-एक गांव को चयनित कर उसे आदर्श कृषि एवं उद्यान गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

हर विकासखंड में मॉडल गांव विकसित करने की योजना
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक विकासखंड से एक गांव का चयन कर उसे कृषि और बागवानी के क्षेत्र में मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाए। इन गांवों में स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक कृषि तकनीकों का समन्वय कर कृषि विकास को गति दी जाएगी।

तीन वर्षीय विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड को अगले तीन वर्षों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का केंद्र बिंदु किसानों का हित होना चाहिए तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने, लागत घटाने और आय में वृद्धि सुनिश्चित की जानी चाहिए।

क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुसार फसल चयन पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जलवायु और भूमि की गुणवत्ता का अध्ययन कर यह तय किया जाए कि वहां कौन-सी फसलें, फल और सब्जियां बेहतर उत्पादन दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि इससे राज्य को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।

किसानों को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा
कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर सहित अन्य संस्थानों के सहयोग से किसानों के लिए बड़े स्तर पर कृषि गोष्ठियों और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। किसानों को उन्नत तकनीक, उच्च गुणवत्ता वाले बीज, पौध और खाद की जानकारी और सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

तिलहनी फसलों और कृषि विविधीकरण पर फोकस
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सरसों, तिल, सूरजमुखी और सोयाबीन जैसी तिलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।

जैविक खेती और तकनीकी नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
राज्य में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। साथ ही किसानों को लैब टू लैंड मॉडल से जोड़कर शोध और तकनीकी नवाचारों का सीधा लाभ खेतों तक पहुंचाया जाएगा।

सौर ऊर्जा और बायोगैस पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने किसानों को बायोगैस संयंत्र और सौर ऊर्जा संचालित पंपों के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे खेती में ऊर्जा लागत कम हो सके और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिले।

डिजिटल मार्केटिंग और विपणन व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
किसानों को उनकी उपज के बेहतर विपणन के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है, ताकि किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

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