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विधानसभा चुनाव 2027: जेठ के बड़े मंगलवार को राहुल गांधी और अखिलेश यादव पहुंचे हनुमान मंदिर

यूपी की राजनीति में बजरंग बली की एंट्री, राहुल और अखिलेश बाबा के दरबार

Lucknow / KP Tripathi : उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अब ‘बजरंग बली’ की एंट्री हो चुकी है। जिसे देखकर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है।

हनुमान के सहारे सपा और कांग्रेस
इस बार समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस की नैया पार लगाने के लिए हनुमान जी के सहारे का आसरा है। एक ओर जहां सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जेठ की चिलचिलाती गर्मी में भंडारों में घूम रहे हैं वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी भी अमेठी में हनुमान मंदिर में आर्शिवाद पाने को हाथ जोड़े खड़े हैं। बता दें जेठ के मंगलवार को बड़े मंगल के नाम से जाना जाता है। जेठ के मंगल में पूरे पूर्वांचल खासकर लखनऊ में जगह—जगह भंडारों का आयोजन होता है। कहा तो यहां तक जाता है कि जेठ के मंगलवार को करीब 80 प्रतिशत घरों में खाना नहीं बनाया जाता। मंगलवार को लोग भंडारे का प्रसाद ही ग्रहण करते हैं।

जेठ के मंगल में दिखा राजनीतिक नजारा
इस बार जेठ माह के ‘बड़े मंगल’ के खास मौके पर उत्तर प्रदेश के भीतर एक दिलचस्प और बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक नजारा देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां सपा प्रमुख अखिलेश यादव लखनऊ की सड़कों पर जनता के बीच दिखाई दे रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के हनुमान मंदिर में शीश नवाते नजर आ रहे हैं।

हजरतगंज पहुंचे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव
लखनऊ के हजरतगंज स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने न केवल बजरंगबली के दर्शन किए, बल्कि उनकी विधिवत आरती भी उतारी। इस दौरान अखिलेश यादव ने ‘बड़े मंगल’ के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य भंडारे में हिस्सा लिया और अपने हाथों से आम जनता व श्रद्धालुओं को पूड़ी-सब्जी और बूंदी का प्रसाद बांटा। खुद भी प्रसाद चखने के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नीतियों पर जमकर निशाना साधा और आगामी चुनावों को लेकर अपनी रणनीतिक तैयारी के स्पष्ट संकेत दे दिए।

राहुल गांधी का मंदिर दौरा और अखिलेश का पलटवार
अखिलेश यादव ने इस दौरान राहुल गांधी के रायबरेली दौरे को लेकर छिड़े सियासी संग्राम और बीजेपी द्वारा कसे जा रहे तंजों का बेहद तीखा जवाब दिया। राहुल गांधी के रायबरेली दौरे पर तंज कसने वाले भाजपा नेताओं को नसीहत देते हुए अखिलेश यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की हार की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि बीजेपी को अपनी पिछली करारी हार नहीं भूलनी चाहिए, जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया है।
चुरुआ हनुमान मंदिर में राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंचे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने जिले की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक चुरुआ हनुमान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। जेठ के बड़े मंगल पर बजरंगबली का आशीर्वाद लेने के बाद राहुल गांधी ने बछरावां के ठकुराइन खेड़ा में एक नए बारात घर का उद्घाटन भी किया।

‘बड़ा मंगल’ और 2027 के चुनावी संकेत
राजनीतिक पंडितों की मानें तो कांग्रेस और सपा के इन शीर्ष नेताओं का इस तरह खुलकर सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर चलना और हनुमान भक्ति का प्रदर्शन करना महज एक धार्मिक संयोग नहीं है। इसे आगामी 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। पश्चिम यूपी से लेकर पूर्वांचल तक अपने कैडर को यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि वे बहुसंख्यक समाज की धार्मिक आस्थाओं के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। लखनऊ में एक तरफ जहां बीजेपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और मेयर सुषमा खर्कवाल भंडारों में जुटे थे, वहीं अखिलेश और राहुल की इस ‘बजरंग बली’ एंट्री ने सूबे के सियासी तापमान को समय से पहले ही काफी बढ़ा दिया है।

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